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Pithoragarh News: भारी बर्फबारी से जम गए झरने, जलस्रोत

Wed, 25 Dec 2024 07:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 25 Dec 2024 07:19 PM IST
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Waterfalls and water sources frozen due to heavy snowfall
पिथौरागढ़/धारचूला/मुनस्यारी। सीमांत जिले में मौसम ने फिर से करवट बदली है। जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का दूसरा हिमपात हुआ है। ऐसे में चोटियां बर्फ से लकदक हो गईं। बारिश और बर्फबारी से तापमान गिरा तो पूरे जिले में कड़ाके की ठंड से लोग बेहाल हैं। चीन सीमा से सटे मुनस्यारी के मिलम, बुगड़ियार जबकि धारचूला के दारमा, व्यास घाटियों में छह इंच से एक फुट बर्फ गिरने से जल स्रोत पूरी तरह जम गए हैं इससे यहां पेयजल संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में यहां के लोगों और सीमा पर डटे सैनिक बर्फ पिघलाकर पानी की जरूरत को पूरा कर रहे हैं।
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सीमांत जिले में बीते सोमवार देर शाम मौसम का मिजाज बदल गया। धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई जो दूसरे दिन भी जारी रही। मुनस्यारी के कालामुनी, बलाती में एक से दो इंच, मिलम, बुगडियार में तीन से छह इंच जबकि धारचूला के दारमा और व्यास घाटी में छह इंच से एक फुट बर्फ गिरी।
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वहीं मंगलवार सुबह जिला मुख्यालय सहित मुनस्यारी, धारचूला, कनालीछीना, नैनीपातल आदि हिस्सों में हल्की बारिश हुई। निचले इलाकों में बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद तापमान गिरने से पूरे कड़ाके की ठंड पड़ रही है और शीतलहर का प्रकोप जारी है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव, ब्लोवर, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। बर्फ से लकदक हुई चोटियों को देख पर्यावरण प्रेमियों के साथ ही पर्यटकों में खुशी है। दारमा और व्यास घाटियों में पहुंचे पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर आनंद उठाया और बर्फ देख वे खुशी से झूम उठे। संवाद
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हिमपात से माइनस 19 डिग्री पहुंचा तापमान
दारमा, व्यास घाटी के साथ ही मिलम, बुगडियार में बर्फबारी के बाद तापमान माइनस पांच से माइनस 19 पहुंच गया है, इससे जल स्रोत पूरी तरह जम गए हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में लोगों और सीमा पर डटे सैनिकों के सामने जल संकट पैदा हो गया है और वे पानी के लिए बर्फ पिघलाने को मजबूर हैं। हालांकि बर्फबारी के बाद काली पड़ चुकी हिम शृंखलाओं में रौनक लौटी है और ये फिर से बर्फ से ढक गई हैं।


बर्फबारी के बाद भी सुरक्षा में डटे हैं जवान
धारचूला। व्यास घाटी में बर्फबारी के बाद यहां तैनात एसएसबी के जवान सीमा सुरक्षा में डटे हैं। 10,500 फुट ऊंचाई पर माइनस 19 डिग्री तापमान में भी सैनिकों का हौसला कम नहीं हुआ है। एसएसबी की 11 वीं वाहिनी के प्रभारी निरीक्षक अविरंजन कुमार के नेतृत्व में सात जवानों ने गुंजी से नचेती गाड़ तक छह किमी दायरे में गश्त की। प्रभारी निरीक्षक अविरंजन कुमार ने बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में सुबह के समय तापमान माइनस 19 जबकि रात में माइनस 23 डिग्री पहुंच रहा है। संवाद

बर्फबारी के बाद थर्टी फर्स्ट मनाने के लिए बुकिंग शुरू
धारचूला। दांतू के होम स्टे संचालक संजय जंग, गुड्डू जंग, गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल, भूपेश दताल ने बताया कि गांवों में तीन से छह इंच बर्फबारी हुई है। कहा कि जल स्रोत जमने से पानी की किल्लत हो रही है और बर्फ पिघलाना मजबूरी बन गया है। संजय जंग ने कहा कि राहत की बात यह है कि बर्फबारी के बाद थर्टी फर्स्ट मनाने के लिए दिल्ली, कोलकाता सहित अन्य हिस्सों से पर्यटकों की बुकिंग मिलनी शुरू हो गई है। अब तक 20 लोगों ने बुकिंग कराई है। कहा यदि सड़क खुली रही तो बढ़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।


आसमान में बादल छाने और बूंदाबांदी के बाद दिनभर कड़ाके की ठंड़ से ठिठुरते रहे लोग
लोहाघाट (चंपावत)। मौसम के एकाएक करवट बदलने के बाद क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मंगलवार को बूंदाबांदी होने के बाद काफी ठंड पड़ रही है। मौसम साफ होने के बाद क्षेत्र में भारी मात्रा में पाला गिर रहा है, जो सड़क मार्गों पर वाहनों के लिए खतरा पैदा कर रहा है तो वहीं खेतों में फसलों को जला दे रहा है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अचानक बढ़ी ठंड लोगों के लिए दुखदायी बनी हुई है। उप जिला अस्पताल की चिकित्साधीक्षक डॉ. सोनाली मंडल ने लोगों को ठंड से पूरी तरह से बचाव करने की जरूरत बताई। सुबह और शाम वाकिंग करने वाले लोगों को ठंड से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम करने की बात कही। संवाद-

मौसम पर टिकी किसानों की नजर, पर्याप्त बारिश न होने से फसलों के बर्बाद होने का सता रहा है डर

पिथौरागढ़। सीमांत जिले के किसानों को मौसम का साथ नहीं मिला। पर्याप्त बारिश न होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अब हल्की बारिश के बाद गिरने वाले पाले से फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में किसान निराश हैं तो कृषि विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ गई है।
जिले में करीब 27700 हेक्टेयर भूमि पर रबी की फसल बोई गई है। 18,000 हेक्टेयर में गेहूं और 900 हेक्टेयर पर मसूर की पौध है। पिछले दिनों हुई हल्की बारिश से किसानों को कुछ हद तक राहत मिली थी। उम्मीद थी कि जल्द ही अच्छी बारिश होगी और पाले से मुरझा रही फसलों की पौध को नया जीवन मिलेगा।
मंगलवार को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई और निचले इलाकों में अच्छी बारिश की उम्मीद थी लेकिन किसानों को मौसम का साथ नहीं मिला। हल्की बूंदाबांदी के बाद ही बारिश बंद हो गई और किसानों को निराश होना पड़ा। किसानों के मुताबिक अब बर्फबारी और हल्की बारिश के बाद जमकर पाला गिरेगा। ऐसे में खेतों में पर्याप्त नहीं नहीं होने से पाले का असर अधिक होगा और पौध जलने लगेगी। पौध खराब होने से इसका उत्पादन पर असर पड़ेगा। ऐसे में किसानों के साथ ही कृषि विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। --

कोट -
फसलों के लिए पर्याप्त बारिश जरूरी है। खेतों में नमी कम होने से पाला फसलों को नुकसान पहुंचाएगा। उम्मीद है अच्छी बारिश होगी। - अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी, पिथौरागढ़।

महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद

महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद

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