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महाकाली का जलस्तर कम हुआ, सतर्कता बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:05 PM IST
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अब कम होने लगा महाकाली का जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
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कालापानी से आगे करीब 23 किलोमीटर के दायरे में महाकाली का प्रवाह ठंड के कारण थमने से इस समय नदी का जलस्तर कम हो गया है। नदी के कम चौड़े घाटों से तस्करों और अपराधियों के प्रवेश की आशंका को देखते हुए एसएसबी और पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। इस समय नेपाल से चरस, वन्यजीवों के खालों की तस्करी की आशंका अधिक रहती है। अप्रैल में जब उच्च हिमालयी क्षेत्र के ग्लेशियर पिघलने लगेंगे, उसके बाद ही महाकाली का जलस्तर बढ़ने लगेगा। तब तक नदी के किनारे अतिरिक्त चौकसी जारी रहेगी।
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महाकाली नदी पर झूलाघाट, जौलजीबी, बलुवाकोट, धारचूला में झूलापुल बने हैं। यह दोनों देशों के बीच आवागमन के वैध रास्ते हैं। नदी का जलस्तर कम होने पर कई अवैध रास्तों से भी तस्कर आवाजाही करने लगते हैं। पानी कम होने पर तस्कर आसानी से इन घाटों को पार कर लेते हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल ने बताया कि नेपाल सीमा पर एसएसबी 24 घंटे निगरानी करती है, लेकिन नदी का जलस्तर कम होने पर पुलिस भी एसएसबी के साथ गश्त में तालमेल करती है।
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झूलाघाट, अस्कोट, जौलजीबी, बलुवाकोट और धारचूला पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह सप्ताह में कम से कम दो दिन महाकाली के किनारे पैदल गश्त करें। गश्त के दौरान एसएसबी के साथ भी तालमेल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों से पिछले वर्षों में तस्करों की घुसपैठ हुई थी उन इलाकों में अब ज्यादा सतर्कता की जाती है। उन्होंने कहा कि नेपाल सीमा पर लगातार गश्त की जा रही है और तस्करों पर नकेल कसने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
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सामान की भी होती है तस्करी
नेपाल की तरफ से सामान की तस्करी भी होती है। खुकरी सिगरेट, जूते, कपड़े लेकर नेपाल के दूरदराज इलाकों के लोग भारतीय सीमा में प्रवेश करते हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल ने बताया कि प्रतिबंधित सामान को लाने की छूट किसी को नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ तस्करी के सामान पर ही नहीं वरन अन्य प्रकार के प्रतिबंधित सामान पर भी नजर रखी जाएगी।
भारत से राशन और केरोसिन की तस्करी
भारतीय क्षेत्र से नेपाल को राशन, मिट्टी का तेल जैसी सामग्री को तस्करी के जरिए पहुंचाने वाले गिरोह सक्रिय रहते हैं। पिछले साल ऐसे कुछ मामले पकड़ में आए थे। नेपाल के पर्वतीय जिलों में राशन, मिट्टी का तेल की भारी मांग रहती है। भारतीय क्षेत्र से तस्करी कर यह सामान आसानी से नेपाल पहुंचाया जा सकता है। पुलिस ने भारतीय तस्करों पर भी नकेल कसने की रणनीति बनाई है। हर झूलापुल पर सामान की सख्त चेकिंग की जाती है।
अगले महीने से होगी संयुक्त कांबिंग
भारत-नेपाल सीमा पर अगले महीने से वन विभाग, पुलिस, एसएसबी का संयुक्त कांबिंग अभियान चलेगा। हर हफ्ते यह कांबिंग होगी और तस्करी में लिप्त लोगों पर दबाव बनाया जाएगा। सीओ ने बताया कि संयुक्त कांबिंग के लिए कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली गई है।