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Pithoragarh News: विनोद ने दिलाई बेड़ीनाग की चाय को नई पहचान, 35 लोगों को दिया रोजगार
Wed, 15 Jan 2025 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 15 Jan 2025 11:05 PM IST
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पिथौरागढ़। बेड़ीनाग के विनोद कार्की ने स्थानीय चाय को नई पहचान दिलाने के साथ इससे 35 से अधिक लोगों को रोजगार से भी जोड़ा है। यहां तैयार चाय की विदेशों में भी खासी पहचान है। ऑर्थोडॉक्स ब्लैक टी, ग्रीन टी के साथ कंडाली (बिच्छू घास) की चाय तैयार कर विनोद ने लोगों को स्वरोजगार की राह भी दिखाई है।
बेड़ीनाग की चाय अंग्रेजों की पसंदीदा रही है। लंदन वेयरहाउस में भी इसकी महक रही है। अंग्रेजों का शासन खत्म होने के साथ ही सप्लाई प्रभावित हुई और यहां स्थापित चाय बागान खत्म होने लगे। पांखू के विनोद कार्की ने फिर से चाय को नई पहचान दिलाने की पहल शुरू की जो सफल रही है।
ऋण लेकर उन्होंने फिर से चाय बागान स्थापित किए और कोऑपरेटिव सोसायटी बनाई। कोरोना काल में घर बैठे लोगों को इससे जोड़ा गया। मेहनत रंग लाई और यहां तैयार ऑर्थोडॉक्स ब्लैक टी, ग्रीन टी के साथ कंडाली (बिच्छू घास) की चाय अब देश के साथ विदेशों में अपना स्वाद और महक बिखेर रही है। विनोद ने चाय उत्पादन से 35 से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा है। उन्होंने बताया कि मशीन के बजाय वह चाय की पत्तियों को सुखाने के लिए आग की तपिश का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इसकी खुशबू और स्वाद सबसे अलग होता है।
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अमेजन पर भी उपलब्ध है चाय
पिथौरागढ़। विनोद बताते हैं कि बेड़ीनाग चाय अमेजन पर भी उपलब्ध है। बताया कि हर रोज बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। ऐसे में इसे उचित बाजार मिलने से मुनाफा भी अच्छा हो रहा है। बताया कि अमेजन पर डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने और चाय को नई पहचान दिलाना उनका उद्देश्य है इसमें वह सफल हो रहे हैं।
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बेड़ीनाग की चाय अंग्रेजों की पसंदीदा रही है। लंदन वेयरहाउस में भी इसकी महक रही है। अंग्रेजों का शासन खत्म होने के साथ ही सप्लाई प्रभावित हुई और यहां स्थापित चाय बागान खत्म होने लगे। पांखू के विनोद कार्की ने फिर से चाय को नई पहचान दिलाने की पहल शुरू की जो सफल रही है।
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ऋण लेकर उन्होंने फिर से चाय बागान स्थापित किए और कोऑपरेटिव सोसायटी बनाई। कोरोना काल में घर बैठे लोगों को इससे जोड़ा गया। मेहनत रंग लाई और यहां तैयार ऑर्थोडॉक्स ब्लैक टी, ग्रीन टी के साथ कंडाली (बिच्छू घास) की चाय अब देश के साथ विदेशों में अपना स्वाद और महक बिखेर रही है। विनोद ने चाय उत्पादन से 35 से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा है। उन्होंने बताया कि मशीन के बजाय वह चाय की पत्तियों को सुखाने के लिए आग की तपिश का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इसकी खुशबू और स्वाद सबसे अलग होता है।
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अमेजन पर भी उपलब्ध है चाय
पिथौरागढ़। विनोद बताते हैं कि बेड़ीनाग चाय अमेजन पर भी उपलब्ध है। बताया कि हर रोज बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। ऐसे में इसे उचित बाजार मिलने से मुनाफा भी अच्छा हो रहा है। बताया कि अमेजन पर डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने और चाय को नई पहचान दिलाना उनका उद्देश्य है इसमें वह सफल हो रहे हैं।