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Pithoragarh News: अल्ट्रासाउंड के रोस्टर से बढ़ी गर्भवतियों और गंभीर मरीजों की परेशानी

Mon, 28 Sep 2026 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 28 Sep 2026 10:51 PM IST
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Ultrasound roster issues increase difficulties for pregnant women and critically ill patients
चंपावत। उप जिला अस्पताल लोहाघाट में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए साप्ताहिक रोस्टर लागू होने से गर्भवतियों और गंभीर मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। निर्धारित दिन के अलावा जांच की जरूरत पड़ने पर मरीजों को जिला अस्पताल चंपावत जाना पड़ रहा है।
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अस्पताल में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें करीब 60 गर्भवतियां और अन्य मरीज अल्ट्रासाउंड जांच कराते हैं। सुविधाओं को व्यवस्थित करने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर बीते सप्ताह से रोस्टर लागू किया गया है। इसके तहत पाटी, लोहाघाट और बाराकोट के मरीजों के लिए सप्ताह में दो-दो दिन निर्धारित किए गए हैं। व्यवस्था से मरीजों की भीड़ और इंतजार कम करने का प्रयास किया गया है। हालांकि, तय दिन के अलावा जांच की जरूरत पड़ने पर गर्भवतियों और गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। लोहाघाट से आए तीमारदार दीपेश ने बताया कि वह पत्नी के साथ चंपावत अस्पताल गए थे लेकिन रोस्टर का हवाला देकर अल्ट्रासाउंड नहीं किया गया।
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सप्ताह में एक ब्लॉक के लिए दो दिन तय
रोस्टर के अनुसार पाटी विकासखंड के मरीजों के लिए सोमवार और मंगलवार, लोहाघाट के मरीजों के लिए बुधवार और बृहस्पतिवार को अल्ट्रासाउंड की तिथि निर्धारित की है। इसके अलावा बाराकोट विकासखंड के मरीजों के लिए शुक्रवार और शनिवार का दिन निर्धारित है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, इसका उद्देश्य मरीजों की भीड़ और जांच व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।
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आशाओं और एएनएम के माध्यम से गर्भवतियों को पहले ही समय निर्धारित कर सूचना दी जाती है। रोस्टर के अनुसार निर्धारित दिवस पर उनका अल्ट्रासाउंड किया जाता है। गायनोलॉजिस्ट के परामर्श के बाद जरूरत पड़ने पर गर्भवतियों की अल्ट्रासाउंड जांच भी कराई जाती है।
-डॉ. विराज राठी, सीएमएस, उप जिला अस्पताल, लोहाघाट
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