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Pithoragarh News: दो साल बाद भी शुरू नहीं हुआ सुरिंगाड़ परियोजना से बिजली उत्पादन
Sun, 16 Apr 2023 11:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 16 Apr 2023 11:25 PM IST
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पिथौरागढ़। बहु प्रतीक्षित सुरिंगाड़ जल विद्युत परियोजना से दो साल बाद भी बिजली उत्पादन का काम शुरू नहीं हो सका है। करोड़ों की लागत से बनी इस परियोजना से बिजली उत्पादन का इंतजार मुनस्यारी और आसपास के लोग लंबे समय से कर रहे हैं।
सुरिंगाड़ द्वितीय परियोजना का निर्माण 50 करोड़ की लागत से किया गया है। यूजीवीएन लिमिटेड की बहु प्रतीक्षित सुरिंगाड़ द्वितीय परियोजना का काम गोगोल हाइड्रो लिमिटेड ने वर्ष 2015 में शुरू किया था। निर्माण कार्य दिसंबर 2021 में पूरा कर लिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2021 को इस परियोजना का हल्द्वानी से शुभारंभ किया था। शुभारंभ से पूर्व केंद्र से आई एक टीम ने परियोजना का निरीक्षण भी किया था। परियोजना में 2.5-2.5 मेगावाट की दो मशीनों से मुनस्यारी विकासखंड के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में बिजली दी जानी है।
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राज्य को सालाना 26.41 मिलियन यूनिट बिजली की होनी है आपूर्ति पिथौरागढ़। इस परियोजना से राज्य को सालाना 26.41 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति होनी है। सुरिंगाड़ जल विद्युत को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित कर निर्माण किया गया है। गोगोल हाइड्रो कंपनी का पूरा स्टाफ परियोजना क्षेत्र में तैनात है। कंपनी ने जुलाई 2021 में सभी जरूरी मशीनें परियोजना में लगा दी थी। दो साल बीतने के बाद भी बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। हालांकि परियोजना को यूजीवीएन को हैंडओवर करने की कार्यवाही भी कर दी गई है। पूर्व में यूपीसीएल से 33 केवी ग्रिड न मिलने के कारण बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका था।
परियोजना के संचालन में कुछ समय और लग सकता है। परियोजना में अभी कुछ काम होना है। इसके बाद परियोजना का ट्रायल भी किया जाएगा। परियोजना से बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब तीन लाख की आय होगी।
- अंकित पवांर, इंचार्ज इंजीनियर, गोगोल हाइड्रो पावर कंपनी
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सुरिंगाड़ द्वितीय परियोजना का निर्माण 50 करोड़ की लागत से किया गया है। यूजीवीएन लिमिटेड की बहु प्रतीक्षित सुरिंगाड़ द्वितीय परियोजना का काम गोगोल हाइड्रो लिमिटेड ने वर्ष 2015 में शुरू किया था। निर्माण कार्य दिसंबर 2021 में पूरा कर लिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2021 को इस परियोजना का हल्द्वानी से शुभारंभ किया था। शुभारंभ से पूर्व केंद्र से आई एक टीम ने परियोजना का निरीक्षण भी किया था। परियोजना में 2.5-2.5 मेगावाट की दो मशीनों से मुनस्यारी विकासखंड के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में बिजली दी जानी है।
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राज्य को सालाना 26.41 मिलियन यूनिट बिजली की होनी है आपूर्ति पिथौरागढ़। इस परियोजना से राज्य को सालाना 26.41 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति होनी है। सुरिंगाड़ जल विद्युत को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित कर निर्माण किया गया है। गोगोल हाइड्रो कंपनी का पूरा स्टाफ परियोजना क्षेत्र में तैनात है। कंपनी ने जुलाई 2021 में सभी जरूरी मशीनें परियोजना में लगा दी थी। दो साल बीतने के बाद भी बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। हालांकि परियोजना को यूजीवीएन को हैंडओवर करने की कार्यवाही भी कर दी गई है। पूर्व में यूपीसीएल से 33 केवी ग्रिड न मिलने के कारण बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका था।
परियोजना के संचालन में कुछ समय और लग सकता है। परियोजना में अभी कुछ काम होना है। इसके बाद परियोजना का ट्रायल भी किया जाएगा। परियोजना से बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब तीन लाख की आय होगी।
- अंकित पवांर, इंचार्ज इंजीनियर, गोगोल हाइड्रो पावर कंपनी