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वृद्धा का दोमंजिला मकान जला
ब्यूरो/अमर उजाला, कनालीछीना
Updated Sat, 28 Apr 2018 10:50 PM IST
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कनालीछीना के बलियानीचौरा में आग से जला मकान
- फोटो : अमर उजाला
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कनालीछीना ग्राम पंचायत के बलियानीचौरा (रिठगड़) में शनिवार को हुए भीषण अग्निकांड में एक वृद्धा का आठ कमरों का दोमंजिला जल गया। आग से घर में रखे सामान, राशन के साथ ही वृद्धा के दो तोला सोने के जेवर भी जल गए। गांव के लोगों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने में दो युवकों के हाथ भी झुलस गए। चूल्हे की आग फैलने से मकान जलने की बात सामने आ रही है।
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बलियानीचौरा निवासी बसंती देवी (80) पत्नी स्वर्गीय पीरोज सिंह शनिवार सुबह लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बना रहीं थी। चूल्हे पर भोजन चढ़ाकर वह किसी काम से घर के बाहर आ गईं। सुबह करीब साढ़े नौ बजे घर से काफी धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को चपटे में ले लिया। मकान में आग लगते ही गांव के प्रशांत पाटनी, रमेश पांडे, मान सिंह दिगारी, देव सिंह, कमल दिगारी, सुरेंद्र दिगारी समेत कई लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान आग की चपेट में आकर गांव के कमल दिगारी (30), सुरेंद्र दिगारी (33) के हाथ झुलस गए। करीब साढ़े 11 बजे आग पर काबू पाया गया।
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बताया जा रहा है कि चूल्हे के पास में कुछ सूखी लकड़ियां रखी थीं, जिन पर आग लग गई और यही आग पूरे मकान में फैल गई। लकड़ी की छत होने के कारण आग भड़कने में मदद मिली। राजस्व उप निरीक्षक योगिता जोशी ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपी जाएगी। प्रभावित वृद्धा को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
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दहाड़े मारकर रोने लगी वृद्धा
मकान में आग लगने के बाद बसंती देवी जोर-जोर से चिल्लाकर आग को बुझाने की गुहार करने लगी। जब मकान के बचने की उम्मीद नहीं बची तो वह दहाड़े मारकर रोने लगी। वृद्धा मकान में अकेली रहतीं थी। उनके पति की दस साल पहले मौत हो गई थी। पड़ोस में ही उनके पोते का परिवार रहता है। पुत्र बाहर नौकरी करता है। बसंती देवी फिलहाल अपने पोते मान सिंह दिगारी के पास चलीं रहने गईं।