फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Two days after repair, pipe burst, 10 thousand people of 27 villages dried up

मरम्मत के दो दिन बाद ही फटा पाइप, 27 गांवों के 10 हजार लोगों के हलक सूखे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Nov 2021 12:21 AM IST
विज्ञापन
Two days after repair, pipe burst, 10 thousand people of 27 villages dried up
गंगोलीहाट में हैंडपंप से पानी भरने के लिए लगी भीड़। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। शालीखेत पंपिंग योजना के पाइप मरम्मत करने के दो दिन बाद ही फट गए। इस कारण रविवार को नगर सहित 27 गांवों में पानी नहीं आया। पानी नहीं आने के कारण लोग परेशान रहे। पानी के लिए लोगों को हैंड पंप, नौले-धारों का ही सहारा है।
विज्ञापन

क्षेत्र में 15 दिन पहले हुई बारिश के बाद शालीखेत पंपिंग योजना खराब हो गई थी। इस कारण कई दिनों तक नगर सहित 27 गांव में पानी को लेकर हाहाकार मच गया। इस कारण 10 हजार से अधिक आबादी पानी के लिए परेशान रही। जल संस्थान ने पाइप और पंप से पहले गाद साफ कर पानी चलाया, तो लाइन के पाइप फट गए। जिसे ठीक करने में विभाग को एक हफ्ता लग गया। एक हफ्ते बाद लोगों को पानी तो मिला, मगर वो भी केवल दो दिन तक ही मिल सका। शनिवार को फिर से लाइन का पाइप फट गया। जिसकी विभाग मरम्मत करवा रहा है। जल संस्थान के जेई रूपेश आर्या का कहना है कि जल्दी ही लाइन की मरम्मत कर दी जाएगी। सोमवार से लोगों को सुचारु रूप से पानी मिलने लगेगा।
विज्ञापन

जीआईसी क्षेत्र में नलों से रिसकर खेतों और रास्तों में बह रहा पानी
पिथौरागढ़। शहर में एक ओर लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर हजारों लीटर पानी खेतों और रास्तों में बह रहा है। इसके बाद भी जल संस्थान क्षतिग्रस्त पानी की लाइनों को दुरुस्त नहीं कर सका है। जल संस्थान की ढिलाई के कारण लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीआईसी क्षेत्र में तेजी से कॉलोनियों का विस्तार होने के बाद दशकों पूर्व बनी पानी की योजना से लोगों को जरूरत का पानी न मिलने पर एक वर्ष पूर्व नई पाइप लाइन बिछाई गई। इसके लिए डिग्री कॉलेज में टैंक बनाया गया है। इस योजना में हुड़ेती पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट कर आपूर्ति की जाती है। पुराने संयोजनों में पुरानी पाइप लाइन से भी पानी दिया जा रहा है। नई पानी की लाइन से संयोजन तो दे दिए गए हैं लेकिन नई और पुरानी पाइप लाइनें चोक होने और सुधार करने के लिए बार-बार खोलने के कारण कई जगह लीकेज करने लगी हैं, जिससे हजारों लीटर पानी खेतों और रास्तों में ही बर्बाद हो रहा है। हालात यह हैं कि जल संस्थान में 20 से 25 हजार रुपये जमा कर संयोजन लेने वाले कई लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। इस कारण लोगों को हैंडपंप या फिर महादेव धारे से पानी की आपूर्ति करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। इससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है। दो-दो पेयजल योजनाएं होने के बाद भी जल संकट से जूझ रहे लोगों ने जल संस्थान से शीघ्र क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को दुरुस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed