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मरम्मत के दो दिन बाद ही फटा पाइप, 27 गांवों के 10 हजार लोगों के हलक सूखे
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गंगोलीहाट में हैंडपंप से पानी भरने के लिए लगी भीड़। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। शालीखेत पंपिंग योजना के पाइप मरम्मत करने के दो दिन बाद ही फट गए। इस कारण रविवार को नगर सहित 27 गांवों में पानी नहीं आया। पानी नहीं आने के कारण लोग परेशान रहे। पानी के लिए लोगों को हैंड पंप, नौले-धारों का ही सहारा है।
क्षेत्र में 15 दिन पहले हुई बारिश के बाद शालीखेत पंपिंग योजना खराब हो गई थी। इस कारण कई दिनों तक नगर सहित 27 गांव में पानी को लेकर हाहाकार मच गया। इस कारण 10 हजार से अधिक आबादी पानी के लिए परेशान रही। जल संस्थान ने पाइप और पंप से पहले गाद साफ कर पानी चलाया, तो लाइन के पाइप फट गए। जिसे ठीक करने में विभाग को एक हफ्ता लग गया। एक हफ्ते बाद लोगों को पानी तो मिला, मगर वो भी केवल दो दिन तक ही मिल सका। शनिवार को फिर से लाइन का पाइप फट गया। जिसकी विभाग मरम्मत करवा रहा है। जल संस्थान के जेई रूपेश आर्या का कहना है कि जल्दी ही लाइन की मरम्मत कर दी जाएगी। सोमवार से लोगों को सुचारु रूप से पानी मिलने लगेगा।
जीआईसी क्षेत्र में नलों से रिसकर खेतों और रास्तों में बह रहा पानी
पिथौरागढ़। शहर में एक ओर लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर हजारों लीटर पानी खेतों और रास्तों में बह रहा है। इसके बाद भी जल संस्थान क्षतिग्रस्त पानी की लाइनों को दुरुस्त नहीं कर सका है। जल संस्थान की ढिलाई के कारण लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
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जीआईसी क्षेत्र में तेजी से कॉलोनियों का विस्तार होने के बाद दशकों पूर्व बनी पानी की योजना से लोगों को जरूरत का पानी न मिलने पर एक वर्ष पूर्व नई पाइप लाइन बिछाई गई। इसके लिए डिग्री कॉलेज में टैंक बनाया गया है। इस योजना में हुड़ेती पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट कर आपूर्ति की जाती है। पुराने संयोजनों में पुरानी पाइप लाइन से भी पानी दिया जा रहा है। नई पानी की लाइन से संयोजन तो दे दिए गए हैं लेकिन नई और पुरानी पाइप लाइनें चोक होने और सुधार करने के लिए बार-बार खोलने के कारण कई जगह लीकेज करने लगी हैं, जिससे हजारों लीटर पानी खेतों और रास्तों में ही बर्बाद हो रहा है। हालात यह हैं कि जल संस्थान में 20 से 25 हजार रुपये जमा कर संयोजन लेने वाले कई लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। इस कारण लोगों को हैंडपंप या फिर महादेव धारे से पानी की आपूर्ति करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। इससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है। दो-दो पेयजल योजनाएं होने के बाद भी जल संकट से जूझ रहे लोगों ने जल संस्थान से शीघ्र क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को दुरुस्त करने की मांग की है।
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क्षेत्र में 15 दिन पहले हुई बारिश के बाद शालीखेत पंपिंग योजना खराब हो गई थी। इस कारण कई दिनों तक नगर सहित 27 गांव में पानी को लेकर हाहाकार मच गया। इस कारण 10 हजार से अधिक आबादी पानी के लिए परेशान रही। जल संस्थान ने पाइप और पंप से पहले गाद साफ कर पानी चलाया, तो लाइन के पाइप फट गए। जिसे ठीक करने में विभाग को एक हफ्ता लग गया। एक हफ्ते बाद लोगों को पानी तो मिला, मगर वो भी केवल दो दिन तक ही मिल सका। शनिवार को फिर से लाइन का पाइप फट गया। जिसकी विभाग मरम्मत करवा रहा है। जल संस्थान के जेई रूपेश आर्या का कहना है कि जल्दी ही लाइन की मरम्मत कर दी जाएगी। सोमवार से लोगों को सुचारु रूप से पानी मिलने लगेगा।
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जीआईसी क्षेत्र में नलों से रिसकर खेतों और रास्तों में बह रहा पानी
पिथौरागढ़। शहर में एक ओर लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर हजारों लीटर पानी खेतों और रास्तों में बह रहा है। इसके बाद भी जल संस्थान क्षतिग्रस्त पानी की लाइनों को दुरुस्त नहीं कर सका है। जल संस्थान की ढिलाई के कारण लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
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जीआईसी क्षेत्र में तेजी से कॉलोनियों का विस्तार होने के बाद दशकों पूर्व बनी पानी की योजना से लोगों को जरूरत का पानी न मिलने पर एक वर्ष पूर्व नई पाइप लाइन बिछाई गई। इसके लिए डिग्री कॉलेज में टैंक बनाया गया है। इस योजना में हुड़ेती पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट कर आपूर्ति की जाती है। पुराने संयोजनों में पुरानी पाइप लाइन से भी पानी दिया जा रहा है। नई पानी की लाइन से संयोजन तो दे दिए गए हैं लेकिन नई और पुरानी पाइप लाइनें चोक होने और सुधार करने के लिए बार-बार खोलने के कारण कई जगह लीकेज करने लगी हैं, जिससे हजारों लीटर पानी खेतों और रास्तों में ही बर्बाद हो रहा है। हालात यह हैं कि जल संस्थान में 20 से 25 हजार रुपये जमा कर संयोजन लेने वाले कई लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। इस कारण लोगों को हैंडपंप या फिर महादेव धारे से पानी की आपूर्ति करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। इससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है। दो-दो पेयजल योजनाएं होने के बाद भी जल संकट से जूझ रहे लोगों ने जल संस्थान से शीघ्र क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को दुरुस्त करने की मांग की है।