संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। कोरोना के कहर न मोस्टामानू ट्यूलिप गार्डन की सुंदरता को डस लिया है। कोरोना के कहर के बाद लोग ट्यूलिप गार्डन की सुंदरता को देखने के लिए नहीं जा पा रहे हैं। इन दिनों ट्यूलिप के फूल अपनी सुंदरता से चार चांद लगा रहे हैं। चंडाक मोस्टामानू मंदिर परिसर का ट्यूलिप गॉर्डन इन दिनों रंग-बिरेंगे फूलों से गुलजार है। 13 टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तहत फरवरी में यहां 25 हजार ट्यूलिप बल्बों का रोपण किया था। मंदिर परिसर में ट्यूलिप के खिलने के बाद पर्यटकों के बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन कोरोना के कहर ने ट्यूलिप गॉर्डन की सुंदरता को डस दिया है। लोग रंग बिरेंगे ट्यूलिप के फूलों को नहीं देख पा रहे हैं। इन दिनों गार्डन में सात प्रकार के पर्पल लैपटॉप, डीप पर्पल, परसिमा, स्ट्राक गोल्ड, हुकोल्ड और रैड इंप्रेशन खिले हुए हैं।
---::: हौलेंड से मगाए थे ट्यूलिप के बल्ब :: पिथौरागढ़। प्रशासन ने मोस्टामानू ट्यूलिप गार्डन के लिए हालैंड से ट्यूलिप मंगाए थे। इसमें करीब आठ से नौ लाख रुपये का खर्चा आया था। इन बल्बों के खिलने के बाद उद्यान विभाग की टीम इनकी सुरक्षा और सिंचाई का कार्य कर रही है। जिला उद्यान अधिकारी आरएस वर्मा का कहना है कि गार्डन में सारे ट्यूलिप खिल गए हैं।