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नैनीपातल में ट्रंचिंग ग्राउंड , कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट के लिए मिली वित्तीय स्वीकृति
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पिथौरागढ़। नैनीपातल में बने ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण संयंत्र लगाने के लिए नगर पालिका को करीब 4.14 करोड़ रुपये मिल गए हैं। इस संयंत्र के बनने से जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी, वहीं अजैविक कूड़े को जमाकर बाहर बेचा जा सकेगा।
इससे नगर पालिका की आय भी बढ़ेगी। साथ ही ट्रंचिंग ग्राउंड से सटे गांवों को धुएं और बदबू से निजात भी मिलेगी। लोग लंबे समय से यहां संयंत्र लगाने की मांग कर रहे थे।
नैनीपातल में करीब 0.75 हेक्टेयर भूमि पर नगर पालिका कई साल से खुले में कूड़े का निस्तारण कर रही है। इससे होने वाले प्रदूषण से परेशान ग्रामीण कई बार विरोध भी कर चुके हैं। इसलिए नगर पालिका ने संयंत्र लगाने के लिए फरवरी 2018 में 8.21 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी थी।
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इसमें संयंत्र के निर्माण के लिए पालिका को 6.36 करोड़ रुपये की तकनीकी स्वीकृति पूर्व में ही मिल गई थी, लेकिन संयंत्र लगाने के लिए धन आवंटित नहीं हुआ था।
अब केंद्रीय शहरी अनुभाग से संयंत्र निर्माण के लिए करीब 4.14 करोड़ रुपये मिल गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति (एनओसी) के बाद संयंत्र का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
रोज होता है 20 टन कूड़े का निस्तारण
नैनीपातल ट्रंचिंग ग्राउंड में नगर पालिका रोज करीब 20 टन कूड़े का निस्तारण करती है। वहां जैविक और अजैविक कूड़े को एक साथ डाला जाता है। ट्रीटमेंट प्लांट लगने के बाद जैविक और अजैविक कूड़े को अलग कर उसका निस्तारण किया जाएगा। ट्रीटमेंट प्लांट लगने से लोगों को रोजगार भी मिलेेगा।
ट्रंचिंग ग्राउंड से सटे गांवों के लोग परेशान
पिथौरागढ़। ट्रंचिंग ग्राउंड से लगे बीसाबजेड़, नैनीपातल, भूलागांव समेत दस से अधिक गांवों के लोगों को कूड़े की बदबू और धुएं का सामना करना पड़ता था। लोग यहां पर कूड़ा न डालने को लेकर कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के बाद कुछ हद तक ग्रामीणों को राहत मिल पाएगी।
नैनीपातल में कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए शासन से राशि मिल गई है। पर्यावरणीय स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया आमंत्रित की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।- मनोज दास, ईओ नगर पालिका, पिथौरागढ़।
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इससे नगर पालिका की आय भी बढ़ेगी। साथ ही ट्रंचिंग ग्राउंड से सटे गांवों को धुएं और बदबू से निजात भी मिलेगी। लोग लंबे समय से यहां संयंत्र लगाने की मांग कर रहे थे।
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नैनीपातल में करीब 0.75 हेक्टेयर भूमि पर नगर पालिका कई साल से खुले में कूड़े का निस्तारण कर रही है। इससे होने वाले प्रदूषण से परेशान ग्रामीण कई बार विरोध भी कर चुके हैं। इसलिए नगर पालिका ने संयंत्र लगाने के लिए फरवरी 2018 में 8.21 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी थी।
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इसमें संयंत्र के निर्माण के लिए पालिका को 6.36 करोड़ रुपये की तकनीकी स्वीकृति पूर्व में ही मिल गई थी, लेकिन संयंत्र लगाने के लिए धन आवंटित नहीं हुआ था।
अब केंद्रीय शहरी अनुभाग से संयंत्र निर्माण के लिए करीब 4.14 करोड़ रुपये मिल गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति (एनओसी) के बाद संयंत्र का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
रोज होता है 20 टन कूड़े का निस्तारण
नैनीपातल ट्रंचिंग ग्राउंड में नगर पालिका रोज करीब 20 टन कूड़े का निस्तारण करती है। वहां जैविक और अजैविक कूड़े को एक साथ डाला जाता है। ट्रीटमेंट प्लांट लगने के बाद जैविक और अजैविक कूड़े को अलग कर उसका निस्तारण किया जाएगा। ट्रीटमेंट प्लांट लगने से लोगों को रोजगार भी मिलेेगा।
ट्रंचिंग ग्राउंड से सटे गांवों के लोग परेशान
पिथौरागढ़। ट्रंचिंग ग्राउंड से लगे बीसाबजेड़, नैनीपातल, भूलागांव समेत दस से अधिक गांवों के लोगों को कूड़े की बदबू और धुएं का सामना करना पड़ता था। लोग यहां पर कूड़ा न डालने को लेकर कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के बाद कुछ हद तक ग्रामीणों को राहत मिल पाएगी।
नैनीपातल में कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए शासन से राशि मिल गई है। पर्यावरणीय स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया आमंत्रित की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।- मनोज दास, ईओ नगर पालिका, पिथौरागढ़।