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गुरना और घाट के बीच संभलकर करें यात्रा
ब्यूरो, अमर उजाला पिथौरागढ़।
Updated Wed, 29 Nov 2017 10:49 PM IST
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बारहमासा सड़क निर्माण के दौरान घाट के पास उड़ रही धूल।
- फोटो : अमर उजाला
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यदि आप राष्ट्रीय राजमार्ग से बरेली, टनकपुर, दिल्ली, रुद्रपुर, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, गंगोलीहाट, चंपावत या लोहाघाट की यात्रा कर करें तो गुरना से घाट के बीच संभलकर जाइएगा। बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान जगह-जगह उठ रहे धूल के गुबार और सड़क पर गिर रहा मलबा किसी को भी गंभीर परेशानी में डाल सकता है। बता दें कि 20 किलोमीटर के दायरे में सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। पहाड़ को काटकर मलबा मुख्य सड़क पर ही गिराया जा रहा है।
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इस सड़क पर सफर कर रहे लोगों ने बताया कि गुरना और घाट के बीच एक से दो घंटे तक जाम में फंसना आम बात हो गई है। सड़क पर पहले मलबा फेंका जाता है और उसे हटाने में लंबा समय लिया जाता है। मलबा फेंकते समय उड़ने वाली धूल से लोग परेशान हो गए हैं। इस समस्या को बुधवार को भाजपा नेता गोपू महर ने डीएम के
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समक्ष रखा। महर का कहना है कि सड़क की कटिंग के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। पहाड़ी काटकर निकलने वाला मलबा जहां-तहां फेंका जा रहा है, जो कि बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने निर्माण एजेंसी और ठेकेदारों को सख्त हिदायत देने की मांग की है।
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उधर, पंचेश्वर घाटी विकास समिति के संयोजक मनोज सिंह सामंत ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान निकलने वाली धूल अब काफी दूर गांवों तक पहुंच रही है। उन्होंने मांग की कि सड़क निर्माण के इस तरीके पर तत्काल अंकुश लगाया जाए। यदि किसी प्रकार की घटना हुई तो उसका जिम्मेदार सड़क निर्माण करने वाली एजेंसी होगी।