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Pithoragarh News: बोल्डरों की बारिश से आल वेदर रोड पर फिर थमी रफ्तार, मुसीबत बरकरार
Fri, 25 Sep 2026 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:04 PM IST
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पिथौरागढ़। ऑल वेदर रोड पर घाट बैंड के पास बोल्डरों की बारिश लगातार दूसरे दिन मुसीबत बनी रही। सीमांत जनपद की लाइफ लाइन पर शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे थमे वाहनों के पहिए शाम तक भी रफ्तार नहीं पकड़ पाए। दिन भर बोल्डर और मलबा गिरने से सैकड़ों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जरूरी सामान की आपूर्ति बाधित रही। मरीजों, विद्यार्थियों सहित जरूरी काम से निकले अनेक लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
पिथौरागढ़-टनकपुर ऑल वेदर रोड पर घाट-गुरना के बीच बने डेंजर जोन बरसात कम हो जाने के बावजूद पीछा नहीं छोड़ रहे। बीते बृहस्पतिवार को घाट बैंड में वाहनों के फंसने का सिलसिला सुबह से रात तक बना रहा। रात में किसी तरह मार्ग में फंसे वाहनों को निकाला गया। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे फिर से वही हालात पैदा हो गए। घाट बैंड के दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। इनमें बस, टैक्सियां, एंबुलेंस, मालवाहक और गैस वाहन समेत जरूरी सामान की आपूर्ति वाली अनेक गाड़ियां शामिल रहीं।
इस दौरान यात्रियों, वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर सवा 12 बजे बोल्डर और मलबा गिरना बंद हुआ तो दोनों तरफ फंसे वाहनों को निकालने का प्रयास शुरू हुआ। इस बीच जितने वाहन निकाले गए पीछे से फिर उतनी ही कतार लंबी हो गई। फिर से पहाड़ी से बोल्डर गिरने फिर शुरू हो गए। शाम तक यह सिलसिला बना रहा जिससे सैकड़ों वाहन और यात्री घाट क्षेत्र में फंसे रहे।
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रास्ते में फंसे लोग चालान की कार्रवाई से त्रस्त
बोल्डर गिरने से घाट क्षेत्र में फंसे लोग पुलिस की चालान की कार्रवाई से भी त्रस्त रहे। शुक्रवार सुबह चंपावत की तरफ से अपने भाई के साथ कार से आ रहे विक्रम सिंह ने बताया कि घाट पुल के बाद भारी संख्या में वाहन फंसे थे। इस बीच अपने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से लगाने की कोशिश कर रहे लोगों का पुलिस ने चालान करना शुरू कर दिया। पहले से परेशानी झेल रहे लोगों में इस कार्रवाई से खासा रोष रहा। रास्ता जल्द खुलने की नाउम्मीदी और पुलिस कार्रवाई से त्रस्त कई लोग वापस लौटकर वाया गंगोलीहाट लंबा सफर तय कर गंतव्य के लिए रवाना हुए।
तीन साल से सिर्फ जेसीबी लगाकर निभाया जा रहा कर्तव्य
टनकपुर-चंपावत और अल्मोड़ा-हल्द्वानी को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड दो दिन लगातार बाधित रहने से रेफर किए अनेक मरीजों व उनके परिजनों, प्रतियोगिताओं के लिए जा रहे विद्यार्थियों और अन्य लोगों को काफी मायूसी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि तीन साल से हजारों की आबादी के लिए नासूर बने इन डेंजर जोन का उपचार करने को कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। भूस्खलन होने और बोल्डर गिरने पर सिर्फ जेसीबी लगाकर कर्तव्य की इतिश्री की जा रही है। जिम्मेदार अब भी हवाई दावे करने से बाज नहीं आ रहे।
खेल मंत्री के लिए भेजी गई कार, हल्द्वानी जा रहे खिलाड़ी फंसे
घाट बैंड बोल्डर गिरने से सेवा संकल्प अभियान में शामिल में शामिल होने पिथौरागढ़ आ रही कैबिनेट मंत्री भी फंस गई। उनके वाहन के पहिये भी थम गए। उन्होंने पैदल आवाजाही कर पहाड़ी को पार किया। जिला मुख्यालय से भेजी गई कार में सवार होकर वह कार्यक्रम में पहुंची जबकि हल्द्वानी में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे जिले के खिलाड़ी वहीं फंसे रहे। जाराजिबली हाईस्कूल के नवीन सिंह, थल इंटर कॉलेज के पवन खाती, जीआईसी टिमटा की कुमकुम ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर सुबह 10 बजे हल्द्वानी जाने के लिए घाट बैंड पहुंचे। सभी को शनिवार होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होना है। सड़क बंद होने से वे देर शाम तक नहीं निकल सके। यदि सड़क खुली भी तो देर रात हल्द्वानी पहुंचेंगे इसका असर उनके खेल पर पड़ेगा।
.............घाट बैंड के पास लगातार बोल्डर गिर रहे हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर वाहनों को वहां से निकाला जा रहा है। पहाड़ी का ट्रीटमेंट होने पर यह दिक्कत दूर हो जाएगी।
भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़-टनकपुर ऑल वेदर रोड पर घाट-गुरना के बीच बने डेंजर जोन बरसात कम हो जाने के बावजूद पीछा नहीं छोड़ रहे। बीते बृहस्पतिवार को घाट बैंड में वाहनों के फंसने का सिलसिला सुबह से रात तक बना रहा। रात में किसी तरह मार्ग में फंसे वाहनों को निकाला गया। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे फिर से वही हालात पैदा हो गए। घाट बैंड के दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। इनमें बस, टैक्सियां, एंबुलेंस, मालवाहक और गैस वाहन समेत जरूरी सामान की आपूर्ति वाली अनेक गाड़ियां शामिल रहीं।
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इस दौरान यात्रियों, वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर सवा 12 बजे बोल्डर और मलबा गिरना बंद हुआ तो दोनों तरफ फंसे वाहनों को निकालने का प्रयास शुरू हुआ। इस बीच जितने वाहन निकाले गए पीछे से फिर उतनी ही कतार लंबी हो गई। फिर से पहाड़ी से बोल्डर गिरने फिर शुरू हो गए। शाम तक यह सिलसिला बना रहा जिससे सैकड़ों वाहन और यात्री घाट क्षेत्र में फंसे रहे।
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रास्ते में फंसे लोग चालान की कार्रवाई से त्रस्त
बोल्डर गिरने से घाट क्षेत्र में फंसे लोग पुलिस की चालान की कार्रवाई से भी त्रस्त रहे। शुक्रवार सुबह चंपावत की तरफ से अपने भाई के साथ कार से आ रहे विक्रम सिंह ने बताया कि घाट पुल के बाद भारी संख्या में वाहन फंसे थे। इस बीच अपने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से लगाने की कोशिश कर रहे लोगों का पुलिस ने चालान करना शुरू कर दिया। पहले से परेशानी झेल रहे लोगों में इस कार्रवाई से खासा रोष रहा। रास्ता जल्द खुलने की नाउम्मीदी और पुलिस कार्रवाई से त्रस्त कई लोग वापस लौटकर वाया गंगोलीहाट लंबा सफर तय कर गंतव्य के लिए रवाना हुए।
तीन साल से सिर्फ जेसीबी लगाकर निभाया जा रहा कर्तव्य
टनकपुर-चंपावत और अल्मोड़ा-हल्द्वानी को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड दो दिन लगातार बाधित रहने से रेफर किए अनेक मरीजों व उनके परिजनों, प्रतियोगिताओं के लिए जा रहे विद्यार्थियों और अन्य लोगों को काफी मायूसी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि तीन साल से हजारों की आबादी के लिए नासूर बने इन डेंजर जोन का उपचार करने को कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। भूस्खलन होने और बोल्डर गिरने पर सिर्फ जेसीबी लगाकर कर्तव्य की इतिश्री की जा रही है। जिम्मेदार अब भी हवाई दावे करने से बाज नहीं आ रहे।
खेल मंत्री के लिए भेजी गई कार, हल्द्वानी जा रहे खिलाड़ी फंसे
घाट बैंड बोल्डर गिरने से सेवा संकल्प अभियान में शामिल में शामिल होने पिथौरागढ़ आ रही कैबिनेट मंत्री भी फंस गई। उनके वाहन के पहिये भी थम गए। उन्होंने पैदल आवाजाही कर पहाड़ी को पार किया। जिला मुख्यालय से भेजी गई कार में सवार होकर वह कार्यक्रम में पहुंची जबकि हल्द्वानी में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे जिले के खिलाड़ी वहीं फंसे रहे। जाराजिबली हाईस्कूल के नवीन सिंह, थल इंटर कॉलेज के पवन खाती, जीआईसी टिमटा की कुमकुम ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर सुबह 10 बजे हल्द्वानी जाने के लिए घाट बैंड पहुंचे। सभी को शनिवार होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होना है। सड़क बंद होने से वे देर शाम तक नहीं निकल सके। यदि सड़क खुली भी तो देर रात हल्द्वानी पहुंचेंगे इसका असर उनके खेल पर पड़ेगा।
.............घाट बैंड के पास लगातार बोल्डर गिर रहे हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर वाहनों को वहां से निकाला जा रहा है। पहाड़ी का ट्रीटमेंट होने पर यह दिक्कत दूर हो जाएगी।
भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़