Pithoragarh: पंचाचूली ग्लेशियर के दर्शन के लिए पहुंचने लगे सैलानी, पर्यटकों ने की खूबसूरती की सराहना
पिथौरागढ़ के दारमा घाटी के चीन सीमा को जोड़ने वाली सोबला ढाकर सड़क यातायात के लिए खुलने के बाद प्रसिद्ध पंचाचूली ग्लेशियर को देखने के लिए यात्रियों की आवाजाही शुरू हो गई है। पंचाचूली ग्लेशियर के दर्शन के लिए सैलानी पहुंचने लगे हैं।
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दारमा घाटी के चीन सीमा को जोड़ने वाली सोबला ढाकर सड़क यातायात के लिए खुलने के बाद प्रसिद्ध पंचाचूली ग्लेशियर को देखने के लिए यात्रियों की आवाजाही शुरू हो गई है। ग्राम दांतू स्थित हिमालय ब्लू शिप होम स्टे संचालक संजय जंग, गुड्डू जंग और भूपेश जंग ने बताया कि सड़क खुलने के बाद कोलकाता,दिल्ली, राजस्थान के 20 यात्री अब तक पंचाचूली के दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने यात्रियों को पंचाचूली ग्लेशियर, दानवीरा जसूली शौक्यानी दताल और चरखा ह्या की जानकारी दी।
कोलकाता से आए यात्री डॉ. निरंजन और उनकी टीम ने पंचाचूली को विहंगम बताते हुए दारमा घाटी की खूबसूरती की सराहना की। कहा कि अगर शासन-प्रशासन दारमा घाटी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए तो यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हो सकता है।
होम स्टे संचालकों का गांव पहुंचना शुरू
होम स्टे संचालक पानू दताल और महेश जंग ने बताया कि अभी सड़क से बर्फ पूरी तरह नहीं हटी है। ग्लेशियर पिघलकर सड़क पर आ रहे है। इससे कुछ घंटों के लिए सड़क पर यातायात बाधित हो रहा है। उन्होंने बीआरओ से जेसीबी उर्थिंग नामक जगह पर रखने का अनुरोध किया है। सड़क बंद होने से घाटी के गांव पहुंचने वाले होम स्टे संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।