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Pithoragarh News: पहली बार 14,500 फीट की ऊंचाई पर आदि कैलाश में जाम से जूझे पर्यटक

Mon, 05 Oct 2026 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 05 Oct 2026 11:14 PM IST
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Tourists faced traffic jams for the first time at an altitude of 14,500 feet in Adi Kailash
धारचूला (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में आदि कैलाश में पहली बार जाम की स्थिति सामने आई। करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में देशभर से बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के चलते वाहनों की लंबी कतारें लगीं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।
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आदि कैलाश क्षेत्र में बीते दिनों भारी बर्फबारी हुई। सड़क पर तीन से चार फीट तक बर्फ जमा हो गई थी। बीआरओ ने जेसीबी से बर्फ हटाकर यातायात सुचारु कराया लेकिन सड़क किनारे जमा तीन से चार फीट बर्फ पूरी तरह नहीं हटने से मार्ग की चौड़ाई कम हो गई। इससे वाहनों के एक-दूसरे को पास देने में परेशानी हुई। यह क्षेत्र उच्च हिमालय की कठोर भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों वाला है। यहां मौसम में अचानक बदलाव, भारी बर्फबारी और सड़क पर बर्फ जमना सामान्य यातायात के लिए बड़ी चुनौती है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्तूबर 2023 में आदि कैलाश क्षेत्र के दौरे के बाद इस धार्मिक और प्राकृतिक स्थल को देशभर में नई पहचान मिली। प्रधानमंत्री ने पार्वती कुंड में पूजा-अर्चना करने के साथ ही आदि कैलाश के दर्शन किए थे। इसके बाद आदि कैलाश यात्रा को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी। बढ़ती लोकप्रियता का असर यात्रियों की संख्या में भी दिखाई दिया है।
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आदि कैलाश में क्यों लगा जाम...
आदि कैलाश में जाम के पीछे एक साथ कई कारण सामने आ रहे हैं। हालिया भारी बर्फबारी के बाद सड़क पर जमा तीन से चार फीट बर्फ हटाने के बावजूद दोनों किनारों पर बर्फ के ढेर रह गए हैं। इससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई कम हो गई है।
दूसरा, यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ निजी वाहनों का दबाव भी बढ़ा है। ऐलागाड़, कुलागाड़, एस बैंड और मलघाट जैसे संवेदनशील हिस्सों में सड़क पहले से ही अपेक्षाकृत संकरी है। यहां एक साथ अधिक वाहन पहुंचने पर आमने-सामने से वाहनों को निकालना मुश्किल हो जाता है। बर्फबारी के दौरान सड़क की स्थिति और खराब होने से यह समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में एक स्थान पर वाहन रुकने का असर पीछे तक पहुंचकर लंबी कतार में बदल रहा है।

उच्च हिमालयी क्षेत्र में दखल बढ़ा
आदि कैलाश करीब 14,500 फीट यानी 4,420 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कुछ वर्ष पहले तक यहां दुर्गम पहाड़ी रास्ते और मौसम की चुनौती सबसे बड़ी बाधा मानी जाती थी। वहां अब वाहनों का दबाव भी नई परेशानी बन गया है। आदि कैलाश मार्ग चीन सीमा तक पहुंच का प्रमुख रास्ता होने के साथ सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बीआरओ की ओर से सड़क को बेहतर किए जाने और कई हिस्सों में डामरीकरण के बाद यहां वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हुई है। इसका असर यात्रा पर भी पड़ा है और देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने वाहनों से यहां पहुंच रहे हैं। ऐसे क्षेत्र में बढ़ते यात्री और वाहन दबाव के साथ सड़क, पार्किंग और यातायात प्रबंधन की अतिरिक्त व्यवस्था की जरूरत भी बढ़ रही है।


तीन साल में तीन गुना से अधिक बढ़े पर्यटक
वर्ष
आदि कैलाश में यात्री
2023
10,079
2024
29,423
2025
31,558
2026
61,950*
इस साल अब तक जारी इनर लाइन परमिट।
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आदि कैलाश क्षेत्र में वाहनों का दबाव बढ़ा है। पुलिसकर्मी लगातार यातायात व्यवस्था सुचारु करने में जुटे हैं। फिलहाल, बर्फबारी से जाम की समस्या पैदा हो रही है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए समाधान की योजना बना रही है। -अक्षय प्रह्लाद कोंडे, एसपी, पिथौरागढ़
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