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Pithoragarh News: तिदांग-बिदांग सड़क ने खोली पर्यटन की राह
Thu, 21 Nov 2024 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 21 Nov 2024 11:19 PM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के चीन सीमा के नजदीक बीआरओ की ओर से तिदांग-गो-बिदांग तक बनाई जा रही 23 किमी सड़क बनने से सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों को काफी सुविधा होगी। इससे भविष्य में खिमलिंग गांव के ग्रामीणों के साथ सिंगला पास तक ट्रेकरों की आवाजाही भी बढ़ जाएगी। इस क्षेत्र में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
दीलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष करन सिंह ग्वाल ने बताया कि वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय सेना ने ग्राम गो के तोक खिमलिंग के खम्पा समुदाय के लोगों को गांव खाली करने के आदेश दिए थे। उसके बाद इस समुदाय के लोग पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल सहित अन्य जगहों पर बस गए थे।
अब क्षेत्र में सड़क बनने के बाद खाली पड़े तोक खिमलिंग के ग्रामीणों के अपने गांव वापस आने की उम्मीद है। बता दें कि पिछले कई सालों से खम्पा लोगों के कुछ परिवार प्रतिवर्ष पूजा-अर्चना के लिए खिमलिंग आते रहते हैं। सोबला-ढाकर तक पांच-छह साल पूर्व सड़क बनने से इस क्षेत्र में आवाजाही की काफी सुविधा हो गई है।
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प्रसिद्ध पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल का कहना है कि दारमा घाटी के बिदांग तक सड़क बनने से ट्रेकरों के साथ सिंगलापास से ज्योलिंगकांग जाने वाले पर्यटकों को आवाजाही में काफी सुविधा मिलेगी।
77 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर की सड़क कटिंग का कार्य शुरू हो गया है। हिमपात की संभावना को देखते हुए दो महीने तक ही कार्य करने का समय मिलेगा। अगले साल अप्रैल से सड़क निर्माण कार्य में तेजी आएगी साथ की धौली गंगा पर एक बेली ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। - सौरभ कुमार, ओसी, 67 आरसीसी ग्रेफ
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दीलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष करन सिंह ग्वाल ने बताया कि वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय सेना ने ग्राम गो के तोक खिमलिंग के खम्पा समुदाय के लोगों को गांव खाली करने के आदेश दिए थे। उसके बाद इस समुदाय के लोग पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल सहित अन्य जगहों पर बस गए थे।
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अब क्षेत्र में सड़क बनने के बाद खाली पड़े तोक खिमलिंग के ग्रामीणों के अपने गांव वापस आने की उम्मीद है। बता दें कि पिछले कई सालों से खम्पा लोगों के कुछ परिवार प्रतिवर्ष पूजा-अर्चना के लिए खिमलिंग आते रहते हैं। सोबला-ढाकर तक पांच-छह साल पूर्व सड़क बनने से इस क्षेत्र में आवाजाही की काफी सुविधा हो गई है।
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प्रसिद्ध पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल का कहना है कि दारमा घाटी के बिदांग तक सड़क बनने से ट्रेकरों के साथ सिंगलापास से ज्योलिंगकांग जाने वाले पर्यटकों को आवाजाही में काफी सुविधा मिलेगी।
77 करोड़ की लागत से 10 किलोमीटर की सड़क कटिंग का कार्य शुरू हो गया है। हिमपात की संभावना को देखते हुए दो महीने तक ही कार्य करने का समय मिलेगा। अगले साल अप्रैल से सड़क निर्माण कार्य में तेजी आएगी साथ की धौली गंगा पर एक बेली ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। - सौरभ कुमार, ओसी, 67 आरसीसी ग्रेफ