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हैमि शौकार हमर देस ज्वार यो छ हमारी जन्मभूमि यो छ हमारो घर बार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 11:51 PM IST
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Thul Thal Mela in Pithauragarh
थल मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
थल (पिथौरागढ़)। पौराणिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक ठुल थल म्याल में लोकगायकों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। लोकगीतों को सुनकर लोगों को पुराने दिन याद आ गए। थल शौका सांस्कृतिक समूह की महिलाओं ने पहली बार मंच से प्रस्तुति दी। जोहार की लोक संस्कृति पर अपनी पारंपरिक वेशभूषा गादी कमोल में सज धज कर रैण की तर्ज पर घाम छाया ले आंगो गल्यो पसिनले मन माया ले.... गीत में सामूहिक नृत्य, गायन पेश कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बोल थे हैमि शौकार हमर देस ज्वार यो छ हमारी जन्मभूमि यो छ हमारो घर बार...। लोगों ने इस नृत्य पर उन्हें इनामों की बौछार कर दी।
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मेले में सांस्कृतिक सुर संध्या उत्तराखंड के लोकगायकों की एकल गायन प्रस्तुति से शुरू हुई। लोकगायक सुरेश प्रसाद सुरीला ने देवी माता का भजन देवी मैया भगवती कर दे बेड़ा पार..., जितेंद्र तोमक्याल ने संगीता रड़ गयो मैं बांज पतेल मा, संस्कार ग्रुप के महिपाल मेहता ने नारंगी साड़ी तेरी काल बिलोजा..., मनोज रावत ने लेई ज्यूला लेई ज्यूला माया को फूल लेई ज्यूला..., मनीष कुमय्या ने मेर पहाड़ ठंडो पाणि पी आली, संस्कार ग्रुप की गायिका शीला ने आज का दिना तो होलि घर बना... तो सागर कुमार ने बरखा लागि रेछ भीजि जालि ओ कमला..., सुंदर राम ने हम तो चले परदेस गाकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक संध्या में संस्कार संस्कृति कला मंच अल्मोड़ा ने माता नंदा के डोले के मोहक झांकी के साथ दैण होये माता लाज धरिये ... भजन गाकर कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। मुख्य अतिथि बेड़ीनाग की ब्लॉक प्रमुख विनीता चुफाल और विशिष्ट अतिथि थल क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य नंदन बाफिला ने पहली बार मंच प्रस्तुति करने पर शौक सांस्कृतिक समूह की महिलाओं की सराहना की। मुवानी से आए हनी एंड ग्रुप ने पुलवामा अटैक पर फौजी थीम पर आधारित कार्यक्रम पेश किया। इसके बाद संस्कार संस्कृति कला मंच के कलाकारों ने कुमाऊं घाघरा परिधान में सामूहिक छपेली नृत्य में गांगुली लस्का कमर छटका छोरा .., जौनसार बावर की संस्कृति पर बाड़ मा की मेर प्यारी सरेला, कुमाऊं संस्कृति पर आधारित पिनारी लोक गीत पिजा हो ठंडो ओ हिमा तीस लागली.. सहित एक से बढ़कर एक कार्यक्रम पेश कर देर रात तक कार्यक्रम में समा बांध दिया। कलाकारों की आकर्षक वेशभूषा ने भी दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। कृष्ण गोपाल पंत ने संचालन किया। मेला समिति अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाठक और महिला उपाध्यक्षा सीमा बिष्ट ने आभार जताया।
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