{"_id":"5db71df08ebc3e93b9524b8a","slug":"three-nepali-laborers-brutally-murdered-in-pithoragarh-pithoragarh-news-hld3619607146","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन नेपाली मजदूरों की बर्बर तरीके से हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन नेपाली मजदूरों की बर्बर तरीके से हत्या
विज्ञापन
पिथौरागढ़ के मड़धूरा गांव में मकान की छत पर जांच करता पुलिस कर्मी। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़ के मड़धूरा गांव में दो सगे भाइयों समेत तीन नेपाली मजदूरों की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई। तीनों के शव घर के भीतर से बरामद हुए। हत्यारों ने तीनों के प्राइवेट पार्ट भी काटकर अलग कर दिए थे। घटना 26 अक्तूबर देर शाम की है। तिहरे हत्याकांड की इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैली है। पुलिस ने हत्यारों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग चार टीमें गठित की हैं। एक टीम को नेपाल भी भेजा गया है।
शहर से सटे मड़धूरा गांव में दो नेपाली मजदूर हरीश बोरा और काशी बोरा एकांत में स्थित भगवान सिंह के मकान में रहते थे। दोनों सड़क निर्माण के काम में लगे थे। बताया जा रहा है कि 26 अक्तूबर को शाम के समय भगवान सिंह की पत्नी कमला देवी खेतों में घास काटने गई थी। जब वह घर लौटीऔर भीतर कमरे में खून से सनी लाश पड़ी देखी।
उन्होंने इसकी सूचना पति और ग्रामीणों को दी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मकान के एक अन्य कमरे में ताला लगा था। उसका ताला खोला गया तो भीतर खून से लथपथ दो और लाशें मिलीं। तीनों के गले और चेहरे पर धारदार हथियार के निशान थे। हरीश बोरा के गले को काटने के बाद साड़ी से घोंटने का प्रयास भी किया गया था। हत्यारों ने तीनों के प्राइवेट पार्ट भी काट कर अलग कर दिए थे।
विज्ञापन
मृतकों की पहचान के लिए सड़क निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार कवींद्र सिंह को बुलाया गया। शुरू में हरीश बोरा और काशी बोरा की ही पहचान हो सकी। बाद में मौके पर पहुंचे अन्य नेपालियों ने तीसरे मृतक की पहचान बीरा बोरा के रूप में की। मृतक हरीश बोरा और बीरा बोरा सगे भाई बताए जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने अल्मोड़ा से फॉरेंसिक टीम बुलाई। टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट सहित अन्य सुबूत जुटाए हैं। पूछताछ में पता चला कि मृतक हरीश बोरा की पत्नी कलावती उर्फ किर्रा देवी भी साथ ही रहती थी। घटना के एक दिन पूर्व से वह लापता थी। यह भी बताया जा रहा है कि कलावती किसी और की पत्नी थी और हरीश बोरा उसे भगाकर यहां लाया था।
पुलिस के अनुसार मृतक हरीश बोरा का भाई बीरा बोरा थल क्षेत्र में मजदूरी करता था। घटना के दो दिन पहले वह अज्ञात युवक के साथ यहां आया था। वारदात के बाद से युवक भी फरार है। जिस बर्बर तरीके से तीनों का कत्ल किया गया और प्राइवेट पार्ट काटे गए हैं, इसे देखते हुए घटना को अवैध संबंध से भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस मृतक हरीश बोरा की पत्नी कलावती और अज्ञात युवक की तलाश में जुटी है। हत्यारों के वारदात को अंजाम देकर नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरु के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग चार टीमें बनाई गई हैं। एक टीम को नेपाल भी भेजा गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतकों को जहर देने की भी पुष्टि
तीनों नेपाली मजदूरों के शवों का पोस्टमार्टम हो गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों मृतकों को जहर देने की भी पुष्टि हुई है। इससे यह साफ हो गया है कि कातिलों ने तीनों को मौत के घाट उतारने के लिए पहले शराब या खाने में जहर दिया होगा। बेहोश होने के बाद जब तीनों विरोध करने की स्थिति में नहीं रहे होंगे तो उनको बर्बर तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया।
मोबाइल फोन भी जला दिए थे हत्यारों ने
वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने सबूत मिटाने के लिए घटनास्थल पर ही मोबाइल भी जला दिए। पुलिस को मौके से जले हुए मोबाइल व अन्य सामान मिला है। मोबाइल फोन जला देने से पुलिस के हाथ सीधे कोई सुराग नहीं लग सका।
- तीनों मृतक नेपाल के रहने वाले थे। इनमें दो सगे भाई थे। हत्या के कारणों का खुलासा करने के लिए चार टीमें गठित की हैं। शीघ्र ही इस घटना में लिप्त हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - रामचंद्र राजगुरु, एसपी पिथौरागढ़।
विज्ञापन
शहर से सटे मड़धूरा गांव में दो नेपाली मजदूर हरीश बोरा और काशी बोरा एकांत में स्थित भगवान सिंह के मकान में रहते थे। दोनों सड़क निर्माण के काम में लगे थे। बताया जा रहा है कि 26 अक्तूबर को शाम के समय भगवान सिंह की पत्नी कमला देवी खेतों में घास काटने गई थी। जब वह घर लौटीऔर भीतर कमरे में खून से सनी लाश पड़ी देखी।
विज्ञापन
उन्होंने इसकी सूचना पति और ग्रामीणों को दी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मकान के एक अन्य कमरे में ताला लगा था। उसका ताला खोला गया तो भीतर खून से लथपथ दो और लाशें मिलीं। तीनों के गले और चेहरे पर धारदार हथियार के निशान थे। हरीश बोरा के गले को काटने के बाद साड़ी से घोंटने का प्रयास भी किया गया था। हत्यारों ने तीनों के प्राइवेट पार्ट भी काट कर अलग कर दिए थे।
विज्ञापन
मृतकों की पहचान के लिए सड़क निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार कवींद्र सिंह को बुलाया गया। शुरू में हरीश बोरा और काशी बोरा की ही पहचान हो सकी। बाद में मौके पर पहुंचे अन्य नेपालियों ने तीसरे मृतक की पहचान बीरा बोरा के रूप में की। मृतक हरीश बोरा और बीरा बोरा सगे भाई बताए जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने अल्मोड़ा से फॉरेंसिक टीम बुलाई। टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट सहित अन्य सुबूत जुटाए हैं। पूछताछ में पता चला कि मृतक हरीश बोरा की पत्नी कलावती उर्फ किर्रा देवी भी साथ ही रहती थी। घटना के एक दिन पूर्व से वह लापता थी। यह भी बताया जा रहा है कि कलावती किसी और की पत्नी थी और हरीश बोरा उसे भगाकर यहां लाया था।
पुलिस के अनुसार मृतक हरीश बोरा का भाई बीरा बोरा थल क्षेत्र में मजदूरी करता था। घटना के दो दिन पहले वह अज्ञात युवक के साथ यहां आया था। वारदात के बाद से युवक भी फरार है। जिस बर्बर तरीके से तीनों का कत्ल किया गया और प्राइवेट पार्ट काटे गए हैं, इसे देखते हुए घटना को अवैध संबंध से भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस मृतक हरीश बोरा की पत्नी कलावती और अज्ञात युवक की तलाश में जुटी है। हत्यारों के वारदात को अंजाम देकर नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरु के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग चार टीमें बनाई गई हैं। एक टीम को नेपाल भी भेजा गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतकों को जहर देने की भी पुष्टि
तीनों नेपाली मजदूरों के शवों का पोस्टमार्टम हो गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों मृतकों को जहर देने की भी पुष्टि हुई है। इससे यह साफ हो गया है कि कातिलों ने तीनों को मौत के घाट उतारने के लिए पहले शराब या खाने में जहर दिया होगा। बेहोश होने के बाद जब तीनों विरोध करने की स्थिति में नहीं रहे होंगे तो उनको बर्बर तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया।
मोबाइल फोन भी जला दिए थे हत्यारों ने
वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने सबूत मिटाने के लिए घटनास्थल पर ही मोबाइल भी जला दिए। पुलिस को मौके से जले हुए मोबाइल व अन्य सामान मिला है। मोबाइल फोन जला देने से पुलिस के हाथ सीधे कोई सुराग नहीं लग सका।
- तीनों मृतक नेपाल के रहने वाले थे। इनमें दो सगे भाई थे। हत्या के कारणों का खुलासा करने के लिए चार टीमें गठित की हैं। शीघ्र ही इस घटना में लिप्त हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - रामचंद्र राजगुरु, एसपी पिथौरागढ़।

पिथौरागढ़ के मड़धूरा गांव के इसी घर में हुआ ट्रिपल मर्डर। अमर उजाला- फोटो : PITHORAGARH

पिथौरागढ़ के मड़धूरा गांव में शवों की जांच करते पुलिस अधिकारी। अमर उजाला- फोटो : PITHORAGARH