फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   This time too the Kailash passengers will be welcomed from Burrishi juice

इस बार भी बुरांश के जूस से कैलाश यात्रियों का स्वागत होगा

Tue, 02 May 2017 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़ Updated Tue, 02 May 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
This time too the Kailash passengers will be welcomed from Burrishi juice
बुरांश के फूलों से लदा पेड़ - फोटो : अमर उजाला

कुछ प्रमुख पड़ावों पर कैलाश मानसरोवर यात्रियों का स्वागत इस बार भी बुरांश के जूस से ही किया जाएगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने पड़ावों पर यात्रियों के लिए जो मेन्यू भेजा है, उसके अनुसार यथासंभव कुमाऊंनी व्यंजन परोसे जाएं और यात्रियों का स्वागत बुरांश के जूस से किया जाए। इस बार ओलावृष्टि से बुरांश के फूलों को नुकसान पहुंचा है। इस कारण बुरांश का जूस पर्याप्त मात्रा में मिल पाना कठिन हो जाएगा।

विज्ञापन


कैलाश मानसरोवर यात्री जाते समय डीडीहाट के पर्यटक आवासगृह में और लौटते समय पिथौरागढ़ के पर्यटक आवासगृह में दोपहर का भोजन करते हैं। इन आवासगृहों में अनिवार्य रूप से यात्रियों का बुरांश के जूस से स्वागत किया जाता है। अकेले पिथौरागढ़ पर्यटक आवासगृह को यात्रियों के लिए कम से कम 80 लीटर बुरांश के जूस की जरूरत होती है। इतना ही जूस डीडीहाट पर्यटक आवासगृह को भी चाहिए।
विज्ञापन


पिथौरागढ़ पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि बुरांश के जूस की डिमांड अभी से दे दी गई है, लेकिन इस बार जरूरत के मुताबिक जूस मिल पाना संभव नहीं लग रहा है। पिछले महीने ठीक बुरांश के फूलों के खिलते समय ओलावृष्टि होने से फूलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस कारण जूस का उत्पादन कम हो रहा है, यदि बुरांश का जूस नहीं मिला तो यात्रियों का स्वागत स्थानीय फलों माल्टा, संतरा आदि के जूस से किया जाएगा। अलबत्ता भोजन में यात्रियों के लिए कुमाऊंनी व्यंजन ही तैयार किए जाएंगे। इनमें भट की चुड़कानी, रायता, झोली, गहत के डुबके, हरी पत्तियों की सब्जी, पुदीने की चटनी आदि शामिल रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्यान विभाग में भी जूस का उत्पादन कम होगा
उद्यान विभाग पिछले वर्ष तक इस सीजन में करीब 500 लीटर बुरांश का जूस तैयार करता था, लेकिन इस बार यह मात्रा घटकर 200 लीटर में सिमट जाएगी। उद्यान विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कैलाश पंत का कहना है कि इस बार निजी तौर पर भी बुरांश का जूस बनवाने के लिए कम संख्या में लोग आ रहे हैं। उद्यान विभाग की फल प्रसंस्करण इकाई फलों और फूलों का जूस तैयार करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed