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तीस साल बाद भी नहीं बन पाया मोटर पुल
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
Updated Tue, 21 Feb 2017 10:10 PM IST
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रामगंगा में मोटर पुल निर्माण के लिए बनी दीवारें
- फोटो : अमर उजाला
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बेड़ीनाग से पुरानाथल होते हुए तड़ीगांव में सड़क का मिलान करने की योजना 30 वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। पुरानाथल तक सड़क तो बन गई है, लेकिन रामगंगा में मोटर पुल का निर्माण न होने के कारण 11 ग्राम पंचायतों के 40 गांवों की करीब 20 हजार आबादी को अब तक कोई लाभ नहीं मिल पाया है। लोक निर्माण विभाग ने 30 वर्ष पहले रामगंगा में तड़ीगांव के पास पुल बनाने की तैयारी भी कर दी थी। पुल के लिए दोनों तरफ दीवारें लगाने के बाद काम छोड़ दिया गया।
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बेड़ीनाग से पुरानाथल होते हुए इस सड़क का निर्माण किया गया। इस सड़क से गंगोरा, पीपलतड़, जाजर, डांगीगांव, माछीखेत, बड़ेत, पुरानाथल, बेलकोट, गड़तिर, चनकाना, कालीविनायक ग्राम पंचायतों की 20 हजार आबादी को यातायात सुविधा उपलब्ध का लाभ मिलता, लेकिन रामगंगा पर पुल नहीं बनने से लोगों को सड़क का कोई लाभ नहीं मिल पाया है। अब भी लोगों को पिथौरागढ़ जाने के लिए पहले बेड़ीनाग जाना पड़ता है। वहां से थल होते हुए पिथौरागढ़ जाने में उनको 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है।
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लोनिवि के सहायक अभियंता डीपी पांडे का कहना है कि पुल की नए सिरे से डीपीआर बनाई गई है। पुल का निर्माण ब्रिज कंस्ट्रक्शन डिवीजन करेगा। पहले पुल को सिंगल लेन बनाया जाना था, अब इसे डबल लेन का बनाया जाएगा। इतने वर्षों से पुल का निर्माण न होने के मामले में उनके पास कोई जवाब नहीं है।
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ऐसे मामले में सख्त कार्रवाई की जाए
युवा सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र पांगती का कहना है कि इससे बड़ी अंधेरगर्दी और क्या हो सकती है कि 30 साल में पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की कभी जांच भी नहीं होती और विभाग के अधिकारी भी मामले को दबा जाते हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुल का निर्माण कार्य तत्काल शुरू करें
थल निवासी मनोहर आर्या का कहना है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी में नेताओं को आवाज उठानी चाहिए। हजारों की आबादी को यातायात सुविधा से वंचित रखने वालों के खिलाफ क्षेत्र के लोगों को आंदोलन करना चाहिए। साथ ही सरकार पर यह दबाव बनाना चाहिए कि पुल का निर्माण तत्काल शुरू कराया जाए।