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Pithoragarh News: पहले ही कम थे डॉक्टर, अब 21 पढ़ाई के लिए गए
Sat, 08 Mar 2025 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 08 Mar 2025 11:10 PM IST
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चंपावत। पहाड़ के मरीजों की पीड़ा कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे अस्पतालों से 21 और डॉक्टर पीजी कोर्स के लिए चले गए हैं। इस कारण सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सबसे अधिक चिकित्सक लोहाघाट और चंपावत अस्पताल से गए हैं।
जिले में चिकित्सकों के 111 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 63 डॉक्टर तैनात थे। जिला अस्पताल में 36 पदों के सापेक्ष 22 चिकित्सक तैनात हैं। 21 चिकित्सकों ने विभाग से पीजी कोर्स के लिए अनुमति मांगी थी। स्वास्थ्य महानिदेशक से अनुमति के बाद 21 डॉक्टर पीजी कोर्स पूरा करने चले गए हैं।
इनमें लोहाघाट उपजिला अस्पताल से आठ, जिला अस्पताल चंपावत से पांच, सीएमओ कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप ए के टांण, मंच, सिप्टी, रेगडू, चौड़ा मेहता, बनबसा, खेतीखान के डॉक्टर शामिल हैं।
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जो चिकित्सक गए हैं उनमें जिला अस्पताल से डॉ. शहजाद खान, डॉ. शशांक अधिकारी, डॉ. राजा प्रसाद, डॉ. गौरव ओली, डॉ. राफिया और उप जिला अस्पताल लोहाघाट से डॉ. सोनू उपाध्याय, डॉ. चित्रलेखा, डॉ. रविंद्र सिंह बोहरा, डॉ. कीर्ति मेहता, डॉ. ज्ञान प्रकाश शर्मा, डॉ. मोनिका गिरि, डॉ. पूजा, डॉ. छाया बोरा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंच से डॉ. अंकुर बिष्ट हैं। इधर, नेपाल सीमा से लगे मंच अस्पताल के चिकित्सक के जाने से मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
चिकित्सकों को पीजी के लिए निदेशालय स्तर से अनुमति मिलती है। पीजी करने के बाद चिकित्सक फिर से सेवाएं देंगे। चिकित्सकों के स्थान पर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
डॉ. इंद्रजीत पांडेय, एसीएमओ चंपावत।
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जिले में चिकित्सकों के 111 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 63 डॉक्टर तैनात थे। जिला अस्पताल में 36 पदों के सापेक्ष 22 चिकित्सक तैनात हैं। 21 चिकित्सकों ने विभाग से पीजी कोर्स के लिए अनुमति मांगी थी। स्वास्थ्य महानिदेशक से अनुमति के बाद 21 डॉक्टर पीजी कोर्स पूरा करने चले गए हैं।
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इनमें लोहाघाट उपजिला अस्पताल से आठ, जिला अस्पताल चंपावत से पांच, सीएमओ कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टाइप ए के टांण, मंच, सिप्टी, रेगडू, चौड़ा मेहता, बनबसा, खेतीखान के डॉक्टर शामिल हैं।
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जो चिकित्सक गए हैं उनमें जिला अस्पताल से डॉ. शहजाद खान, डॉ. शशांक अधिकारी, डॉ. राजा प्रसाद, डॉ. गौरव ओली, डॉ. राफिया और उप जिला अस्पताल लोहाघाट से डॉ. सोनू उपाध्याय, डॉ. चित्रलेखा, डॉ. रविंद्र सिंह बोहरा, डॉ. कीर्ति मेहता, डॉ. ज्ञान प्रकाश शर्मा, डॉ. मोनिका गिरि, डॉ. पूजा, डॉ. छाया बोरा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंच से डॉ. अंकुर बिष्ट हैं। इधर, नेपाल सीमा से लगे मंच अस्पताल के चिकित्सक के जाने से मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
चिकित्सकों को पीजी के लिए निदेशालय स्तर से अनुमति मिलती है। पीजी करने के बाद चिकित्सक फिर से सेवाएं देंगे। चिकित्सकों के स्थान पर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
डॉ. इंद्रजीत पांडेय, एसीएमओ चंपावत।