फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   There are no doctors in the hospitals of DDHaat and Kanalichina, who will provide treatment

Pithoragarh News: डीडीहाट और कनालीछीना के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, कौन करे इलाज

Tue, 29 Apr 2025 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 29 Apr 2025 11:21 PM IST
विज्ञापन
There are no doctors in the hospitals of DDHaat and Kanalichina, who will provide treatment
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के दावे हो रहे हैं लेकिन इनमें मरीजों का इलाज करने के लिए विशेषज्ञ तो दूर सामान्य चिकित्सक भी नहीं हैं। डीडीहाट और कनालीछीना विकासखंड में संचालित 16 अस्पतालों में चिकित्सकों के 48 फीसदी पद रिक्त हैं।
विज्ञापन

छह पद स्वीकृत होने के बाद भी यहां एक भी विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में दोनों विकासखंड की 80 हजार से अधिक की आबादी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जूझती हुई बेहतर इलाज की उम्मीद में जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने के लिए मजबूर है।
विज्ञापन

डीडीहाट और कनालीछीना ब्लॉक में सीएचसी, पीएचसी सहित 16 छोटे-बड़े अस्पताल संचालित हैं। अस्पताल तो खोल दिए गए लेकिन इनमें चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इन अस्पतालों में छह विशेषज्ञ सहित 25 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष एक भी विशेषज्ञ की तैनाती अस्पतालों में नहीं है। साधारण ग्रेड के 14 चिकित्सकों की तैनाती कर इन अस्पतालों में बेहतर इलाज के दावे किए जा रहे हैं। आठ अस्पताल ऐसे हैं जहां मरीजों का इलाज करने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमाली, हचीला, पन्थ्याली, भागीचौरा, तीतरी, ख्वांकोट, सिंगाली, देवलथल में चिकित्सकों का एक-एक पद स्वीकृत है जो लंबे समय से रिक्त चल रहा है। मामूली बीमारी का उपचार भी क्षेत्र के मरीजों का नहीं मिल रहा है और वे इसके लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
डॉक्टर गए पीजी करने, मरीज बेहाल
पहले से ही दोनों विकासखंडों के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में यहां तैनात चिकित्सकों के पीजी के लिए जाने से दिक्कत और बढ़ गई है। इन अस्पतालों में 12 बांडधारी चिकित्सकों की तैनाती कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। इनमें से सात चिकित्सक पीजी के लिए गए हैं। दस्तावेजों में तो इनकी तैनाती अस्पतालों में है लेकिन मौके पर इनकी उपस्थिति नहीं है। इन हालात में मरीजों के साथ ही अस्पताल प्रबंधन की दिक्कत बढ़ गई है। संवाद

कोट
चिकित्सकों के रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर शासन में भेजी जाती है। चिकित्सकों की तैनाती शासन स्तर पर ही संभव है। हर मरीज को बेहतर इलाज मिले इसके लिए विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed