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Pithoragarh: मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गौंखा नदी में बनी अस्थायी पुलिया भी बही, खतरे में हो रही है आवाजाही

Mon, 23 Jun 2025 12:29 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 23 Jun 2025 12:29 PM IST
सार

मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गौंखा नदी में बनी अस्थायी पुलिया भी बह गई है। यहां बना वैली ब्रिज पहले ही एवलांच आने से ध्वस्त हो चुका है। ऐसे में प्रवास से लौटने वाले ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबी की दिक्कत बढ़ गई है।

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The temporary bridge built on the Gaunkha River on the Munsiyari-Milam road was also washed away
मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गौंखा नदी में ध्वस्त वैली ब्रिज से इस तरह जान जोाखिम में डालकर आवाजाही कर रह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन सीमा के साथ माइग्रेशन वाले गांवों को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गौंखा नदी में बनी अस्थायी पुलिया भी बह गई है। यहां बना वैली ब्रिज पहले ही एवलांच आने से ध्वस्त हो चुका है। ऐसे में प्रवास से लौटने वाले ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबी की दिक्कत बढ़ गई है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने से ग्रामीण और सेना के जवान जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त वैली ब्रिज से नदी पार करने के लिए मजबूर हैं। बारिश के बाद नदी के उफान पर आने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

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मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गौंखा नदी में बना वैली ब्रिज करीब पांच महीने पूर्व एवलांच आने से ध्वस्त हो गया था। सेना, आईटीबीपी के जवानों के साथ ही प्रवास से अपने पैतृक गांवों में लौट रहे ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए नदी में अस्थायी पुलिया बनाई गई। बीते दिनों हुई बारिश के बाद उफान पर आई नदी अस्थायी पुलिया को भी बहा ले गई। वाहनों की आवाजाही पहले की पूरी तरह ठप है। अब अस्थायी पुलिया के बहने से सेना के जवानों और ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ गई है।

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सेना के जवानों को हर रोज चीन सीमा पर स्थित अग्रिम चौकियों में पहुंचना पड़ता है। सेना के लिए राशन और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी इसी मार्ग से होती है। पुलिया बहने से सैनिकों और ग्रामीणों के लिए क्षतिग्रस्त वैली ब्रिज से उफनाई नदी को पार करना मजबूरी बन गया है। क्षतिग्रस्त वैली ब्रिज के गार्डर भी धंस रहे हैं इससे खतरा कई गुना बढ़ गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि यदि यहां जल्द नया पुल नहीं बना और इसी तरह क्षतिग्रस्त वैली ब्रिज से आवाजाही होती रही तो बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने जल्द पुल का निर्माण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। 

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दूसरे दिन भी नहीं खुल सकी सड़क
मुनस्यारी-मिलम सड़क बीते शनिवार रलगाड़ी और लीलम के बीच पहाड़ी दरकने से बंद हो गई थी। ऐसे में जोहार घाटी के 13 गांवों के साथ ही चीन सीमा पर स्थित सेना की चौकियों का शेष दुनिया से सड़क संपर्क पूरी तरह कटा है। यहां भारी संख्या में बड़े-बड़े बोल्डर गिरे हैं इन्हें हटाना बीआरओ के लिए चुनौती बन गया है। दूसरे दिन रविवार को भी बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है इससे ग्रामीणों और सैनिकों को पैदल सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।



गौंखा नदी में बनी अस्थायी पुलिया बहने से दिक्कत आई है। जल्द सुगम आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। बीआरओ को शीघ्र वैली ब्रिज के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। लीलम और रलगाड़ी के बीच भी जल्द आवागमन शुरू होगा।
-आशीष जोशी, एसडीएम, मुनस्यारी।

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