माइनस पहुंचा पिथौरागढ़ का तापमान
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जिला मुख्यालय में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान माइनस में चला गया। आज पिथौरागढ़ का न्यूनतम तापमान -0.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से तेज हवा चलने के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट आ गई और यह 13.5 डिग्री सेल्सियस से आगे नहीं बढ़ पाया। मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान आज माइनस 4 में पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को ऊंचाई वाले स्थानों में हिमपात होने, कुछ स्थानों पर बौछारें गिरने के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है। अभी तापमान में और गिरावट आने के संकेत दिए गए हैं। पूरे जिले में कड़ाके की ठंड से सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। अभी बारिश न होने के कारण शुष्क ठंड का असर बना हुआ है। मुनस्यारी में ठंड के कारण लोगों की आवाजाही पर भी असर पड़ रहा है। घाटी वाले इलाकों में कोहरे से सुबह 11 बजे तक वाहनों का आवागमन में भी दिक्कत आ रही है। लोगों का कहना है कि इस बार ठंड पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। पिछले साल 15 और 16 दिसंबर को अच्छी बारिश हुई थी। इससे लोगों को सूखी ठंड से राहत मिल गई। इस बार अब तक शीतकालीन वर्षा नहीं हो पाई है। मुनस्यारी में खुले में रखी हर चीज सुबह के समय पाले से जकड़ रही है।
सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज बढ़े
कड़ाके की ठंड के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 15 से 20 तक ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि लोगों को सुबह और शाम की ठंड से बचने का प्रयास करना चाहिए और ठंडे पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
पाले से पौधों का बचाव करें
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा है कि पाला गिरने से सबसे ज्यादा असर छोटे पौधों पर पड़ता है। पाले से पौधे झुलस जाते हैं। ऐसे में इन पौधों को पाले से बचाने के लिए रात के समय कोई कपड़ा या प्लास्टिक की पन्नी पौधों के ऊपर डाल देनी चाहिए। पाले से झुलसे पौधे जल्दी संभल नहीं पाते।