{"_id":"5b79a0bf42c79246400a9e45","slug":"the-swinging-hazard-linking-the-nominee","type":"story","status":"publish","title_hn":"नामिक को जोड़ने वाला झूलापुल खतरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नामिक को जोड़ने वाला झूलापुल खतरे में
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/नाचनी
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आया नामिक को जोड़ने वाला झूलापुल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो जुलाई की अतिवृष्टि के बाद से मुसीबत झेल रहे नामिक और हीरामणि ग्लेशियर की तलहटी पर बसे नामिक के लोगों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। गांव को जोड़ने वाला झूलापुल खतरे की जद में आ गया है। पुल को किसी प्रकार की क्षति पहुंचती है तो नामिक के लोगों का बागेश्वर जिले के रास्ते आवागमन ठप हो जाएगा।
विज्ञापन
गोगिना (बागेश्वर) से नामिक गांव को जोड़ने के लिए नामिक ग्लेशियर से निकलने वाली रामगंगा में गोगिना के पास झूलापुल बना है। नदी के उफान में आने से भूकटाव लगातार हो रहा है। पहाड़ी धंसने से रामगंगा में मलबा पट रहा है। नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो रहा है। सात किमी लंबा पैदल रास्ता कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। शुक्रवार की बारिश के बाद नदी उफान में आने से गोगिना में बने झूलापुल के पास जबरदस्त भूस्खलन हो गया है। पुल के पास तक की जमीन नदी में समा गई है। पुल की दीवार भूस्खलन की जद में आ गई है।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान तुलसी जेम्याल ने बताया कि भूस्खलन नहीं रुकता है तो झूलापुल के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है। उन्होंने पुल की सुरक्षा के लिए शीघ्र कदम उठाने की जरूरत बताई। कहा कि पुल क्षतिग्रस्त होता है तो नामिक के 124 परिवार संकट में फंस जाएंगे। नामिक जाने के लिए पिथौरागढ़ जिले के बिर्थी से 27 किमी पैदल चलना पड़ता है। बिर्थी वाला मार्ग भी धारापानी रौली समेत कई स्थानों पर जानलेवा बना है। बागेश्वर के गोगिना से नामिक के लिए सुगम रास्ता है, वह भी खतरे में आने से दिक्कतें और बढ़ गई है।
विज्ञापन