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Pithoragarh News: 10 स्वतंत्रता सेनानियों के गांव में सड़क ने ढूंढ लिया रास्ता
Sun, 09 Mar 2025 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 09 Mar 2025 10:50 PM IST
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। देश को 10 स्वतंत्रता सेनानी और एक वीर चक्र देने वाले गांव में आखिरकार आजादी के 76 साल बाद सड़क पहुंचने की उम्मीद जगी है। बंगापानी तहसील के आलम दारमा गांव में सड़क निर्माण के लिए सर्वे करने टीम पहुंची तो ग्रामीण खुशी से झूम उठे। ग्रामीणों ने कहा कि अब उनका गांव भी सड़क से जुड़ेगा तो विकास भी यहां पहुंचेगा और वीरान होता गांव फिर से आबाद होगा।
बंगापानी तहसील के आलम दारमा गांव के 10 स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने की लड़ाई लड़ी। इन सेनानियों के हौसले से देश आजाद तो हुआ लेकिन गांव सड़क के अभाव में विकास की दौड़ में पिछड़ गया। सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं होने से यहां के लोग धीरे-धीरे पलायन करते चले गए। नतीजतन पिछले दो दशक के भीतर ही सड़क सुविधा के अभाव में 45 से अधिक परिवार गांव छोड़ गए।
गांव में रह रहे 80 परिवार वर्षों से सड़क की राह देख रहे हैं। आखिरकार स्वतंत्रता सेनानियों के इस गांव तक सड़क पहुंचाने की पहल शुरू हुई है। पीएमजीएसवाई की टीम ने गांव पहुंचकर सड़क के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही स्वतंत्रता सेनानियों के गांव तक सड़क पहुंचाकर इसे विकास की दौड़ में शामिल किया जाएगा। सड़क बनने से पलायन रुकेगा तो ग्रामीण रिवर्स पलायन भी करेंगे। संवाद
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18 किमी लंबी सड़क का होना है निर्माण
तहसील मुख्यालय से आलम दारमा गांव तक 18 किमी लंबी सड़क का निर्माण होना है। दो साल पूर्व सिर्फ सात किमी सड़क का निर्माण किया गया और इसके बाद आगे के काम पर ब्रेक लग गया। अब 11 किमी सड़क निर्माण के लिए सर्वे शुरू हुआ है। यदि गांव तक सड़क पहुंची तो ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए बदहाल रास्तों के बीच 11 किमी की पैदल दूरी नहीं नापनी होगी।
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बोले ग्रामीण
आखिरकार हमारा गांव भी अब सड़क से जुड़ेगा। गांव तक सड़क पहुंची तो यही असल मायने में स्वतंत्रता के नायकों का सम्मान होगा और हमारी परेशानियां भी कम होंगी। - चंद्र सिंह धामी, पूर्व प्रधान, आलम दारमा।
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लंबे समय से सभी ग्रामीण सड़क की राह देख रहे हैं। अब सड़क की उम्मीद जगी है। यदि सड़क पहुंची तो पलायन भी रुकेगा और गांव का विकास भी होगा। - हंसा देवी, पूर्व उप प्रधान, आलम दारमा।
कोट
आलम दारमा तक सड़क निर्माण की कार्यवाही शुरू हुई है। सड़क के लिए सर्वे कर लिया गया है। जल्द ही सड़क का निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। - राकेश सिंह कार्की, जेई, पीएमजीएसवाई, धारचूला।
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बंगापानी तहसील के आलम दारमा गांव के 10 स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने की लड़ाई लड़ी। इन सेनानियों के हौसले से देश आजाद तो हुआ लेकिन गांव सड़क के अभाव में विकास की दौड़ में पिछड़ गया। सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं होने से यहां के लोग धीरे-धीरे पलायन करते चले गए। नतीजतन पिछले दो दशक के भीतर ही सड़क सुविधा के अभाव में 45 से अधिक परिवार गांव छोड़ गए।
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गांव में रह रहे 80 परिवार वर्षों से सड़क की राह देख रहे हैं। आखिरकार स्वतंत्रता सेनानियों के इस गांव तक सड़क पहुंचाने की पहल शुरू हुई है। पीएमजीएसवाई की टीम ने गांव पहुंचकर सड़क के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही स्वतंत्रता सेनानियों के गांव तक सड़क पहुंचाकर इसे विकास की दौड़ में शामिल किया जाएगा। सड़क बनने से पलायन रुकेगा तो ग्रामीण रिवर्स पलायन भी करेंगे। संवाद
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18 किमी लंबी सड़क का होना है निर्माण
तहसील मुख्यालय से आलम दारमा गांव तक 18 किमी लंबी सड़क का निर्माण होना है। दो साल पूर्व सिर्फ सात किमी सड़क का निर्माण किया गया और इसके बाद आगे के काम पर ब्रेक लग गया। अब 11 किमी सड़क निर्माण के लिए सर्वे शुरू हुआ है। यदि गांव तक सड़क पहुंची तो ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए बदहाल रास्तों के बीच 11 किमी की पैदल दूरी नहीं नापनी होगी।
बोले ग्रामीण
आखिरकार हमारा गांव भी अब सड़क से जुड़ेगा। गांव तक सड़क पहुंची तो यही असल मायने में स्वतंत्रता के नायकों का सम्मान होगा और हमारी परेशानियां भी कम होंगी। - चंद्र सिंह धामी, पूर्व प्रधान, आलम दारमा।
लंबे समय से सभी ग्रामीण सड़क की राह देख रहे हैं। अब सड़क की उम्मीद जगी है। यदि सड़क पहुंची तो पलायन भी रुकेगा और गांव का विकास भी होगा। - हंसा देवी, पूर्व उप प्रधान, आलम दारमा।
कोट
आलम दारमा तक सड़क निर्माण की कार्यवाही शुरू हुई है। सड़क के लिए सर्वे कर लिया गया है। जल्द ही सड़क का निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। - राकेश सिंह कार्की, जेई, पीएमजीएसवाई, धारचूला।