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गर्ब्यांग गांव को भूकटाव और नदी दोनों का खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 01 Nov 2015 06:01 PM IST
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गर्ब्यांग गांव गंभीर खतरे में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर गर्ब्यांग गांव का दौरा करने के बाद लौटे मुख्य विकास अधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी ने बताया कि गर्ब्यांग गांव में एक ओर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन और दूसरी ओर नदी के तेज कटाव का खतरा मंडरा रहा है। नदी के कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग से चेकडैम बनाने को कहा गया है। गर्ब्यांग गांव में 1971 में भारी भूस्खलन हुआ था। तब यूपी सरकार ने गांव के 246 परिवारों को सितारगंज में शिफ्ट करा दिया। अभी गांव में 200 परिवार रहते हैं।
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सीडीओ ने बताया कि गर्ब्यांग गांव को खतरा है। सबसे बड़ी समस्या महाकाली के तेज कटाव के कारण हो रही है। उन्होंने कहा कि गांव का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है। इसके लिए शासन को लिखा गया है। सीडीओ ने व्यास घाटी के गुंजी, नाभी, नपलच्यू गांवों का भी दौरा किया। गांवों में इंदिरा आवासों में बनाए जा रहे शौचालय मानक के विपरीत मिले। उन्होंने बीडीओ से कहा है कि शौचालयों का निर्माण सही ढंग से किया जाए। गुंजी में व्यास मंदिर के सौंदर्यीकरण और जनमिलन केंद्र का निरीक्षण किया। दोनों काम लगभग पूरे होने को हैं। इनकी गुणवत्ता ठीक मिली। सीडीओ ने कालापानी तक का दौरा किया। गुंजी से कालापानी तक बनी सड़क का निरीक्षण किया। सीमा सड़क संगठन ने इस सड़क को उच्च मानकों से बनाया है।
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