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हाटमिक्स प्लांट हटाने को लेकर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला /पिथौरागढ़
Updated Tue, 17 Feb 2015 11:21 PM IST
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हाटमिक्टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग में पलेटा के पास पनखोली में लगे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के हाटमिक्स प्लांट को हटाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने प्लांट के पास प्रदर्शन कर कुछ देर के लिए प्लांट में काम ठप करा दिया। गांव के लोगों का कहना है कि बीआरओ ने 2006 में गांव की सीमा पर प्लांट लगाने के लिए इस शर्त पर जगह मांगी थी कि तीन साल बाद प्लांट शिफ्ट कर दिया जाएगा लेकिन प्लांट को हटाने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
गांव के लोगों का कहना है कि प्लांट से उनके चरागाह खराब हो गए हैं। प्लांट से निकलने वाली धूल का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। प्लांट से थोड़ी दूरी पर स्कूल है। वहां पढ़ने वाले बच्चों पर भी प्लांट का असर पड़ रहा है। मंगलवार की सुबह गुस्साए लोगों ने प्लांट का काम बंद करा दिया। इन लोगों ने प्लांट हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य, तहसीलदार एलएम भट्ट, कोतवाल गणेश सिंह सामंत और बीआरओ के आफीसर कमांडिंग जोगेंद्र सिंह ने लोगों से वार्ता की। गांव के लोगों को आश्वासन दिया कि ठीक एक साल में प्लांट हटा दिया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सामरिक महत्व की इस सड़क में इस समय सुधारीकरण का काम चल रहा है। ऐसे में तत्काल इसे बंद किया जाना संभव नहीं है लेकिन लोगों की समस्या पर गौर किया जाएगा और इसे शिफ्ट करने की तैयारी की जाएगी। इस आश्वासन पर फिलहाल लोग मान गए हैं। प्रदर्शन में ग्राम प्रधान मीना कापड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा कापड़ी, सरपंच देवीदत्त कापड़ी, समाजसेवी कृष्णानंद कापड़ी, सावित्री देवी, मोतिमा देवी, कलावती देवी, नवीन कापड़ी, मथुरादत्त कापड़ी, परमानंद कापड़ी, घनश्याम कापड़ी, पीतांबर कापड़ी आदि शामिल थे।
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गांव के लोगों का कहना है कि प्लांट से उनके चरागाह खराब हो गए हैं। प्लांट से निकलने वाली धूल का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। प्लांट से थोड़ी दूरी पर स्कूल है। वहां पढ़ने वाले बच्चों पर भी प्लांट का असर पड़ रहा है। मंगलवार की सुबह गुस्साए लोगों ने प्लांट का काम बंद करा दिया। इन लोगों ने प्लांट हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य, तहसीलदार एलएम भट्ट, कोतवाल गणेश सिंह सामंत और बीआरओ के आफीसर कमांडिंग जोगेंद्र सिंह ने लोगों से वार्ता की। गांव के लोगों को आश्वासन दिया कि ठीक एक साल में प्लांट हटा दिया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सामरिक महत्व की इस सड़क में इस समय सुधारीकरण का काम चल रहा है। ऐसे में तत्काल इसे बंद किया जाना संभव नहीं है लेकिन लोगों की समस्या पर गौर किया जाएगा और इसे शिफ्ट करने की तैयारी की जाएगी। इस आश्वासन पर फिलहाल लोग मान गए हैं। प्रदर्शन में ग्राम प्रधान मीना कापड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा कापड़ी, सरपंच देवीदत्त कापड़ी, समाजसेवी कृष्णानंद कापड़ी, सावित्री देवी, मोतिमा देवी, कलावती देवी, नवीन कापड़ी, मथुरादत्त कापड़ी, परमानंद कापड़ी, घनश्याम कापड़ी, पीतांबर कापड़ी आदि शामिल थे।
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