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Pithoragarh News: छात्रा की अश्लील फोटो वायरल करने के दोषी को पांच की सजा

Thu, 21 Sep 2023 09:43 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 21 Sep 2023 09:43 AM IST
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The person guilty of making obscene photo of a student viral gets five years' imprisonment
पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो शंकर राज ने नाबालिग छात्रा की अश्लील फोटो वायरल करने के दोषी को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 4.65 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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मामले के अनुसार फरवरी 2022 में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के आपत्तिजनक फोटो पढ़ाई के लिए बनाए गए स्कूल ग्रुप सहित विभिन्न ग्रुप में भेजकर वायरल कर दिए गए थे। इस मामले में पीड़िता के पिता की ओर से पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पीड़िता के अनुसार उसने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए अपने मोबाइल पर एक एप डाउनलोड किया था।
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इसके बाद अब्दुल्ला नामक लड़के ने उसे मैसेज किया और फिर बात करने लगा। पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उनकी बेटी को डरा धमकाकर ओटीपी लेकर उनके फोन का व्ह्वाटसएस चला रहा था। इस मामले में पुलिस ने 24 फरवरी 2022 को आरोपी मोहम्मद अब्दुल्ला निवासी बाग अदरी, वार्ड नंबर 03, थाना कोपागंज, जिला मऊ (यूपी) के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया।
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यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश शंकर राज की अदालत में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध मोहम्मद अब्दुल्ला को आईपीसी की धारा 13 सपठित धारा 14 (1) के तहत पांच साल के कठोर कारावास और 50,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 384 के अपराध के लिए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 509 के अपराध के लिए तीन वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 67क और 67ख के अपराध के लिए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और दो-दो लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक-एक वर्ष के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने कहा कि यदि दोषी जुर्माना भरता है तो उसमें से चार लाख रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत ने की।
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