दो विधायक चुनते हैं थल कस्बे के लोग
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रामगंगा के किनारे बसे पिथौरागढ़ जिले के महत्वपूर्ण थल कस्बे के लोगों को दो विधायकों को चुनने का सौभाग्य मिलता है। हालांकि इस तरह की विडंबना से लोगों के सामने कई प्रकार की कठिनाईयां भी आती हैं, लेकिन 2008 में हुए विधानसभा सीटों के नए परिसीमन में थल बाजार की पांच हजार आबादी को विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से दो हिस्सों में बांट दिया गया। 2012 के चुनाव से थल बाजार के विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से दो हिस्से हो गए, उससे पहले थल का संपूर्ण बाजार समेत बेड़ीनाग तक का पूरा इलाका डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र में आता था।
थल बाजार को रामगंगा दो हिस्सों में बांटती है। दोनों बाजारों के बीच आवागमन के लिए मोटर पुल है। रामगंगा के इस पार की बाजार के लोग डीडीहाट विधानसभा सीट के लिए मतदान करते हैं। इस बार के चुनाव में डीडीहाट सीट के लिए मतदान करने वालों के लिए सत्यालगांव में पोलिंग बूथ बनाया गया। सत्यालगांव में कुल 548 में से 376 मतदाताओं ने वोट डाले, जबकि गंगोलीहाट विधानसभा सीट के लिए वोट देने वालों का मतदान केंद्र जीजीआईसी थल में बनाया गया। इस मतदान केंद्र में 1116 मतदाताओं में से 588 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुल के इस तरफ वाले डीडीहाट के विधायक के सामने और पुल के उस तरफ वाले गंगोलीहाट के विधायक के सामने अपनी समस्या रखते हैं।
तहसील गठन के बाद भी ब्लॉक अलग-अलग
थल में सितंबर 2015 में नई तहसील का गठन हो गया था। संपूर्ण थल क्षेत्र को इस तहसील में शामिल कर दिया गया, लेकिन विकासखंड की दृष्टि से थल बाजार आज भी डीडीहाट और बेड़ीनाग में विभाजित है। स्थानीय लोग कई बार इस विसंगति को समाप्त करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने समाधान नहीं किया।
इससे विकास के कार्य प्रभावित हो रहे
थल निवासी सुंदरी वर्मा का कहना है कि एक ही कस्बे के दो विधायक होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। हर विधायक की वरीयता अलग-अलग रहती है। वह कहती हैं कि कम से कम थल बाजार को एक ही विधानसभा क्षेत्र में रखा जाना चाहिए।
इस दुविधा से मुक्ति नहीं मिलेगी
स्थानीय निवासी दीपक भैंसोड़ा का कहना है कि परिसीमन के समय ही लोगों ने विरोध किया था, लेकिन जनसंख्या के हिसाब से किए गए इस परिसीमन के समय भी रामगंगा को सीमा के रूप में रख दिया। अब थल बाजार के लोगों को इस दुविधा से मुक्ति मिलने वाली नहीं है।