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चुनाव में हावी रहेगा डीडीहाट जिले का मुद्दा
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Thu, 01 Dec 2016 10:37 PM IST
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डीडीहाट जिले का मुद्दा
- फोटो : अमर उजाला
डीडीहाट जिले के गठन की मांग इस बार के विधानसभा चुनावों में मुख्य चुनावी मुद्दा बन जाएगा। इसकी बानगी अभी से देखने को मिल रही है और हर नेता डीडीहाट जिले के गठन की बात कर रहा है।
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1962 से 1992 तक डीडीहाट जिले के गठन के लिए कई चरणों में लोगों ने आंदोलन किया। 1992 में यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने जिले के गठन के लिए एकल आयोग का गठन किया। दो साल के बाद इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी और डीडीहाट को जिला गठन के लिए उपयुक्त पाया, लेकिन यूपी के समय में सरकार ने जिले का गठन नहीं किया। उत्तराखंड गठन के बाद डीडीहाट के लोगों ने डीडीहाट जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले उग्र आंदोलन शुरू किया। 2006 में यहां की जनता ने 38 दिन का आमरण अनशन कर तत्कालीन एनडी तिवारी सरकार को हिला कर रख दिया था, लेकिन तब भी जिला नहीं बन पाया। 15 अगस्त 2011 को भाजपा सरकार ने प्रदेश में चार जिलों के गठन की घोषणा तो कर दी, लेकिन इन जिलों में प्रशासनिक इकाई का गठन नहीं कर पाई और जिलों के गठन का मामला पूरी तरह से उलझकर रह गया।
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वर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कई बार मंचों से छोटी प्रशासनिक इकाई के गठन की बात की है, लेकिन अब विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने में कुछ ही समय बचा है। सरकार अब तक जिलों के गठन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाई है। चुनाव नजदीक आते ही भाजपा के लोग जिला गठन न होने के लिए कांग्रेस को और कांग्रेस के नेता भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आम जनता उसी पार्टी या व्यक्ति को वोट देने की बात कर रही है जो डीडीहाट जिले को वास्तविक रूप से अमलीजामा पहना सके।
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भाजपा में भी टिकट को लेकर मचा घमासान
बीस वर्षों से डीडीहाट विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। इस बार इस सीट पर भाजपा विधायक विशन सिंह चुफाल को उन्हीं की पार्टी के पूर्व जिपं अध्यक्ष किशन सिंह भंडारी सीधे टक्कर दे रहे हैं। वर्तमान में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और डीडीहाट विधानसभा के अंतर्गत आने वाली भड़गांव के जिला पंचायत सदस्य किशन भंडारी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा में कोई एक व्यक्ति टिकट देने की बात को तय नहीं कर सकता है। टिकट वितरण के लिए हर विधानसभा सीट को तीन लोगों के पैनल में रखकर केंद्रीय कार्यकारिणी के समक्ष भेजा जाएगा। वहीं से चुनाव लड़ने वालों का नाम तय होगा। डीडीहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के बारे में पूछे सवाल पर भंडारी ने कहा कि वह भाजपा से अभी टिकट की दौड़ में हैं। भाजपा सर्वे के आधार पर सबसे आगे रहने वाले दावेदार को ही टिकट देगी।