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Pithoragarh News: 21 और 22 जून को होगा चतुर्थ कुमाउंनी भाषा सम्मेलन
Thu, 12 Jun 2025 10:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 12 Jun 2025 10:22 PM IST
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पिथौरागढ़। चतुर्थ कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन 21 और 22 जून को जिला पंचायत सभागार पिथौरागढ़ में होगा। आदलि कुशलि कुमाऊंनी मासिक पत्रिका की पहल पर आयोजित बैठक में आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति गठित की गई।
समिति के सदस्यों ने दुदबोलि कुमाऊंनी हमरो गौरव हमरि पछ्याण’ मुख्य विषय के साथ ही सात उप विषय लोक भाषाओंक महत्व और उनून बचूनकि जरवत, कुमाउंनीकि उपबोलि और हिंदी भाषा: पारंपरिक साम्यता और अंतर संबंध। आजतककि कुमाउंनी रचनाओंकि ब्यापकता मौलिकता और प्रभाव। नय शिक्षा नीतिः 2020 में लोक भाषानको स्थान और उनाेरो क्रियात्मक पक्ष। लोक भाषान का प्रसार में जनसंचार माध्यमनकि भूमिका । कुमाउंनीक विकास में लोकरत्न कवि गुमानी पंत क योगदान। नय पीढ़ीस कुमाउंनीक दगड़ जोड़नाक प्रयास: हमरि प्राथमिकता, तय किए गए। बैठक में देश भर से आने वाले साहित्यकारों, अतिथियों की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
शिक्षक चिंतामणि जोशी के संचालन में आयोजित बैठक में मुख्य संरक्षक डॉ. अशोक कुमार पंत ने सम्मेलन की रूपरेखा रखते हुए कहा कि हम कुमाऊंनी के लिए जितना कार्य कर सकें वह कम है। इसलिए अपनी बोली/भाषा के लिए आयोजित होने वाले इस आयोजन को सफल बनाना हम सबका उद्देश्य होना चाहिए। सम्मेलन की मुख्य आयोजक डॉ. सरस्वती कोहली ने सभी से इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
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इस अवसर पर प्रकाश पुनेठा, किशोर पंत, आशा जोशी, दिनेश भट्ट, गीता पंत, मंजूबाला, अनीता जोशी, नीरज जोशी, पीतांबर अवस्थी, राजीव जोशी, हेम पंत, अवनीश गड़कोटी, संदीप कुमार, महेश बराल, होशियार सिंह ज्याला आदि लोग उपस्थित रहे।
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समिति के सदस्यों ने दुदबोलि कुमाऊंनी हमरो गौरव हमरि पछ्याण’ मुख्य विषय के साथ ही सात उप विषय लोक भाषाओंक महत्व और उनून बचूनकि जरवत, कुमाउंनीकि उपबोलि और हिंदी भाषा: पारंपरिक साम्यता और अंतर संबंध। आजतककि कुमाउंनी रचनाओंकि ब्यापकता मौलिकता और प्रभाव। नय शिक्षा नीतिः 2020 में लोक भाषानको स्थान और उनाेरो क्रियात्मक पक्ष। लोक भाषान का प्रसार में जनसंचार माध्यमनकि भूमिका । कुमाउंनीक विकास में लोकरत्न कवि गुमानी पंत क योगदान। नय पीढ़ीस कुमाउंनीक दगड़ जोड़नाक प्रयास: हमरि प्राथमिकता, तय किए गए। बैठक में देश भर से आने वाले साहित्यकारों, अतिथियों की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
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शिक्षक चिंतामणि जोशी के संचालन में आयोजित बैठक में मुख्य संरक्षक डॉ. अशोक कुमार पंत ने सम्मेलन की रूपरेखा रखते हुए कहा कि हम कुमाऊंनी के लिए जितना कार्य कर सकें वह कम है। इसलिए अपनी बोली/भाषा के लिए आयोजित होने वाले इस आयोजन को सफल बनाना हम सबका उद्देश्य होना चाहिए। सम्मेलन की मुख्य आयोजक डॉ. सरस्वती कोहली ने सभी से इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
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इस अवसर पर प्रकाश पुनेठा, किशोर पंत, आशा जोशी, दिनेश भट्ट, गीता पंत, मंजूबाला, अनीता जोशी, नीरज जोशी, पीतांबर अवस्थी, राजीव जोशी, हेम पंत, अवनीश गड़कोटी, संदीप कुमार, महेश बराल, होशियार सिंह ज्याला आदि लोग उपस्थित रहे।