महाकाली में बहे लोगों का पता नहीं
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जौलजीबी में सोमवार सुबह महाकाली में गिरी बुलेरो जीप का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं लग पाया। सोमवार को घटना के तुरंत बाद नदी के किनारे से एक शव बरामद हुआ। उसके बाद लगातार रेस्क्यू अभियान जारी है। पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने मंगलवार को रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद एसपी ने बताया कि नदी में बहे लोगों की संख्या पांच है। उनकी तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि हादसे का शिकार हुए ढुंगातोली निवासी गोपाल सिंह ठगुन्ना का शव घटना के तुरंत बाद बरामद हो गया था। आशंका है कि जीप के दुर्घटनाग्रस्त होते ही वह छिटक गए होंगे।
मंगलवार को यह जानकारी मिली कि धारचूला हनुमान मंदिर के पुजारी मोहन सिंह धामी (61) भी इसी जीप में सवार थे। उनका बैग नदी से मिला है। उनके भी नदी में बहने की आशंका है। जीप में सवार पय्यांपौड़ी निवासी नीमा बोरा, उनकी बेटी पलक, बरम निवासी पुष्पा देवी, गाड़ी मालिक सुजान सिंह और जीप का कहीं पता नहीं चला। मंगलवार को महाकाली का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इस कारण खोजबीन के काम में दिक्कत आ रही है।
जौलजीबी थानाध्यक्ष विद्यादत्त जोशी के नेतृत्व में पुलिसकर्मी और एसडीआरएफ की टीम ने मंगलवार को भी राफ्ट के सहारे नदी में करीब दस किलोमीटर तक खोजबीन की, लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ। मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा, एआरटीओ नवीन सिंह, जिला पंचायत सदस्य अमर चंद, दौलत पाल, डंबर सिंह चैसर, गिरीश अवस्थी, समाजसेवी लीला बनग्याल आदि ने नदी के किनारे काफी दूर तक खोजबीन की।
एसएसबी के गोताखोरों की मदद लेंगे
पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने कहा कि अब एसएसबी के गोताखोरों के साथ स्थानीय तैराकों की भी खोजबीन के काम में मदद ली जाएगी। कम से कम दो राफ्ट की व्यवस्था और की जा रही है। उन्होंने कहा कि झूलाघाट और टनकपुर पुलिस से बराबर संपर्क किया जा रहा है। एनएचपीसी के अधिकारियों से आग्रह किया गया है कि फिलहाल छिरकिला बांध से पानी न छोड़ा जाए।
चार साल बाद गए बहन को भिटौली देने
धारचूला हनुमान मंदिर के पुजारी मोहन सिंह धामी नाचनी के पास तामाखानी गांव में अपनी बहन केशरी देवी को भिटौला देने के लिए चार साल बाद गए थे। मोहन सिंह के भांजे जगत सिंह दशौनी ने बताया कि उनके मामा चार साल बाद अपनी बहन से मिलने आए थे। रविवार शाम वह तल्ला भैंसकोट के तामाखानी गांव पहुंचे और सोमवार सुबह सात बजे धारचूला के लिए रवाना हुए। ओगला से वह इसी जीप में सवार हुए थे। ओगला से उन्होंने धारचूला घर में फोन कर कहा कि भोजन करने के लिए दिन में 12 बजे तक पहुंच जाऊंगा। जब वह रात को भी घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने खोजबीन की। नदी से उनका बैग मिल गया। उसमें कपड़े और पूजा की सामग्री भी थी। इस बैग की पहचान परिजनों ने की है। बता दें कि ढुंगातोली निवासी गोपाल सिंह भी डीडीहाट में रहने वाली अपनी बहन को भिटौली देकर इसी जीप से लौट रहे थे। उनका शव सोमवार को बरामद हुआ।
लोगों में नाराजगी
रेस्क्यू अभियान के बावजूद अब तक कोई कामयाबी नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि खोजबीन के लिए तत्काल गोताखोर तैनात किए जाने चाहिए। राफ्ट से खोजबीन का काम ज्यादा कारगर नहीं है, यदि मंगलवार को ही गोताखोर लगा दिए जाते तो कुछ न कुछ सफलता मिल जाती।