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जिला सम्मेलन में गरजीं आशाएं
ब्यूरो् /अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़ जिला पंचायत सभागार में आशा वर्कर्स सम्मेलन में मौजूद आशाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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आशा कार्यकर्ताओं ने कहा है कि उन पर काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा लेकिन सम्मानजनक मानदेय देने की दिशा में सरकार कदम नहीं उठा रही है। जिला सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि भाकपा माले के जिला सचिव गोविंद कफलिया ने किया।
जिला पंचायत सभागार में आशा हेल्थ वर्कर यूनियन की जिलाध्यक्ष इंदिरा देउपा ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान सरकारों के सामने न्यूनतम मासिक वेतन देने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस पर केंद्र और राज्य सरकार ध्यान नहीं दे रही हैं। काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है। आशा हेल्थ वर्कर संगठन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने कहा कि हाल में सरकार ने आशाओं को मानदेय देने की घोषणा की लेकिन यह घोषणा तुरंत वापस ले ली गई।
सरकार ने आशाओं को गांव में रहकर सेवा देने का फरमान सुनाया है। जब सरकार आशाओं को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी नहीं मानती है तो सरकार को आशाओं को निर्देश देने का भी कोई अधिकार नहीं है। कहा कि अन्य विभागों के कर्मी अपने आवास से कार्यस्थल पर अप-डाउन नहीं करते हैं तो आशाओं पर यह आदेश थोपना सरासर गलत है।
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प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि जब तक आशाओं को मासिक वेतन नहीं मिलता है, तब तक आशाएं जननी सुरक्षा, टीकाकरण आदि का ही काम करेंगी। सम्मेलन में ऊधमसिंह नगर की जिलाध्यक्ष ममता पानू, सचिव कुलविंदर कौर, उमा महरा, उर्मिला सौन, पिंकी कलोनी, जिला सचिव निर्मला पाल ने विचार रखे।
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जिला पंचायत सभागार में आशा हेल्थ वर्कर यूनियन की जिलाध्यक्ष इंदिरा देउपा ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान सरकारों के सामने न्यूनतम मासिक वेतन देने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस पर केंद्र और राज्य सरकार ध्यान नहीं दे रही हैं। काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है। आशा हेल्थ वर्कर संगठन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने कहा कि हाल में सरकार ने आशाओं को मानदेय देने की घोषणा की लेकिन यह घोषणा तुरंत वापस ले ली गई।
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सरकार ने आशाओं को गांव में रहकर सेवा देने का फरमान सुनाया है। जब सरकार आशाओं को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी नहीं मानती है तो सरकार को आशाओं को निर्देश देने का भी कोई अधिकार नहीं है। कहा कि अन्य विभागों के कर्मी अपने आवास से कार्यस्थल पर अप-डाउन नहीं करते हैं तो आशाओं पर यह आदेश थोपना सरासर गलत है।
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प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि जब तक आशाओं को मासिक वेतन नहीं मिलता है, तब तक आशाएं जननी सुरक्षा, टीकाकरण आदि का ही काम करेंगी। सम्मेलन में ऊधमसिंह नगर की जिलाध्यक्ष ममता पानू, सचिव कुलविंदर कौर, उमा महरा, उर्मिला सौन, पिंकी कलोनी, जिला सचिव निर्मला पाल ने विचार रखे।