फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   The disaster item money was spent in the seven-shilling-ground road

आपदा मद का पैसा भी सातशिलिंग-थल सड़क में खपाया

Thu, 02 Nov 2017 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Thu, 02 Nov 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
The disaster item money was spent in the seven-shilling-ground road
सातशिलिंग-थल सड़क पर थल के पास यह है हालत - फोटो : अमर उजाला

सातशिलिंग-थल मार्ग पर चौड़ीकरण के लिए धन आने से पहले भी एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के डिवीजन ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। इस सड़क पर वर्ष 2013 की आपदा का दो करोड़ रुपया खपाया गया है, जबकि सातशिंलिंग-थल सड़क को कभी भी आपदा से कोई क्षति नहीं पहुंची। उस समय यह मामला जोरशोर से उठा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने प्रकरण की भी जांच कराने की बात कही है।

विज्ञापन


वर्ष 2013 के जलप्रलय में धारचूला, मुनस्यारी, मदकोट, बलुवाकोट, झूलाघाट, सोबला, कंज्योति समेत कई इलाकों में व्यापक तबाही हुई थी। लोगों के घर, मकान, दुकान के साथ ही स्कूल भवन नदियों में समा गए थे। इन जगहों के नुकसान की भरपाई के लिए शासन ने धन जारी किया। इस धनराशि में से दो करोड़ की धनराशि सातशिलिंग-थल मार्ग के लिए भी आवंटित कर दी गई, जबकि इस सड़क को कोई नुकसान नहीं हुआ था।
विज्ञापन


इसके बाद वर्ष 2013 में ही तत्कालीन प्रभारी मंत्री दिनेश अग्रवाल की समीक्षा बैठक में दो करोड़ सातशिलिंग-थल मार्ग पर खपाने का मामला जोरशोर से उठाया था। मंत्री ने जांच के आदेश दिए तो आपदा मद से दो करोड़ रुपये देने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों से धन वसूली का दावा भी किया गया था, लेकिन गलत तरीके से धन आवंटन कराने के इस प्रकरण में कार्रवाई तक मामला नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज जब 44.4 करोड़ के चौड़ीकरण के काम में घपलेबाजी की पुष्टि जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में हो चुकी है तो एक बार फिर आपदा मद के दो करोड़ रुपये खपाने की बात उठने लगी है। जिलाधिकारी सी रविशंकर का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था, लेकिन अब मामला उनके संज्ञान में आने पर वह इसकी भी पड़ताल कराएंगे। आपदा मद का धन खर्च होने की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

घपलेबाजी की पुष्टि के लिए शासन ने बनाई टीम
पिथौरागढ़। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि सातशिलिंग-थल सड़क में हुई घपलेबाजी की पुष्टि के लिए शासन स्तर से एक टीम गठित की गई है। बुधवार को ही उन्हें इसकी सूचना प्राप्त हुई है। शासन द्वारा गठित टीम की पुष्टि के बाद इस मामले में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी। जिलाधिकारी ने ये भी कहा कि सातशिलिंग-थल सड़क के चौड़ीकरण के काम में गंभीर अनियमितता हुई है, वह इस प्रकरण पर लगातार शासन के संपर्क में हैं।


घपलेबाजी का दंश झेल रही जनता
थल। थल-सातशिलिंग सड़क पर 44.4 करोड़ की रकम का बंटाधार होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 50 किमी लंबी इस सड़क में घपलेबाजी के दंश थल बाजार से ही शुरू हो जाते हैं। थल पुल से मुवानी की ओर 200 मीटर के हिस्से पर एडीबी ने डामरीकरण नहीं किया। इस स्थान पर सड़क दल-दल में तब्दील हो गई है। दिगौटी, तड़ीगांव से लेकर मुवानी तक सड़क की दशा बेहद खराब है। इन स्थानों पर कहीं-कहीं पर ही डामर बिछाया गया है। मुवानी बाजार में तक अधूरा डामरीकरण किया गया है। 50 किमी लंबी सड़क पर कहीं भी मानक के अनुसार चौड़ीकरण नहीं किया गया है। निकास नालियां नहीं बनाई गई हैं। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी सड़क की दुर्दशा को लेकर लोगों में रोष है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed