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दूरस्थ गांवों तक चुनाव चिन्ह पहुंचाने में बहाना पड़ेगा पसीना
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:13 AM IST
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चुनाव
- फोटो : file
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पिथौरागढ़। भौगोलिक दृष्टि से काफी दुरूह माने जाने वाली धारचूला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के सामने लोगों तक अपना चुनाव चिन्ह पहुंचाना मुश्किल होगा। बुधवार को चुनाव चिन्ह मिलने के बाद दावेदारों ने उसी के अनुसार अपने पर्चे और पैंफ्लेट तैयार कर लिए हैं। सड़क से सटे गांवों और सड़क से दो चार किलोमीटर की पैदल दूरी पर स्थित गांवों तक तो चुनाव चिन्ह आसानी से पहुंच जाएगा लेकिन दूरस्थ इलाकों तक चुनाव चिन्ह पहुंचाने के लिए दावेदारों और उनके समर्थकों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
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निर्वाचन कार्यालय ने सर्वाधिक दूरी वाले मतदान केंद्रों और गांवों की जो सूची तैयार की है उसके अनुसार धारचूला विधानसभा क्षेत्र का कनार मतदान केंद्र सबसे ज्यादा 18 किलोमीटर की पैदल दूरी पर है। इसी तरह धामीगांव मतदान केंद्र तक जाने में 10 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ेगा।
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सुमदुम स्थित मतदान केंद्र तक जाने में भी 10 किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी होगी। सुवा की दूरी 8 किलोमीटर, कुरीला की दूरी 6 किलोमीटर है। मुनस्यारी तहसील में बुई की दूरी 10 किमी, पातो की 12 किमी, क्वीरीजिमिया की 8 किमी, साईपोलू की 7 किमी है। उछेती, कुलथम, बोना, दारमा, हरकोट के मतदान केंद्र 5 किलोमीटर से ज्यादा पैदल दूरी पर स्थित हैं। निर्वाचन कार्यालय ने मतदान केंद्रों के हिसाब से दूरी का निर्धारण किया है लेकिन मतदान केंद्रों से भी कई गांव तीन से पांच किलोमीटर दूरी पर हैं।
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पिथौरागढ़। धारचूला तहसील मुख्यालय से यदि प्रत्याशी और उनके समर्थक दारमा, व्यास, चौदांस घाटी में प्रचार के लिए निकल रहे हैं तो उनका संपर्क भी कट रहा है। धारचूला से आगे कहीं पर भी किसी कंपनी का संचार नेटवर्क नहीं है। इतने दूर के इलाकों में प्रचार में जाने पर कम से कम चार दिन का समय लग रहा है। एक दावेदार के समर्थक ने बताया कि प्रचार में जाने पर खाने, पीने का सामान भी साथ लेकर जाना पड़ता है क्योंकि इलाके में कहीं पर भी खाने के होटल नहीं हैं।