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Pithoragarh News: अभिभावकों के भरोसे से फिर गुलजार हो रहे दो सरकारी स्कूलों के आंगन

Sat, 07 Jun 2025 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 07 Jun 2025 10:39 PM IST
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The courtyards of two government schools are buzzing again with the trust of parents
पिथौरागढ़। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए अधिकतर अभिभावक उन्हें निजी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। ऐसे में छात्र संख्या कम या शून्य होने से कई सरकारी विद्यालयों में ताले लग गए हैं। इसके इतर एक राहतभरी खबर सामने आ रही है। सीमांत जिले अभिभावकों ने सरकारी शिक्षा पर भरोसा जताते हुए बच्चों का प्रवेश कराकर दो साल से बंद दो सरकारी विद्यालयों के ताले फिर से खुलवा दिए हैं। नतीजतन जिले के हचीला और कालिका प्राथमिक विद्यालय में फिर से रौनक लौट आई है।
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हचीला और कालिका क्षेत्र के अभिभावकों की पहल से दो सरकारी विद्यालयों के बंद दरवाजे फिर से खुले हैं, जो चर्चाओं में हैं। दरअसल दोनों विद्यालय दो साल पूर्व छात्र संख्या शून्य होने से बंद हो गए थे। शिक्षा विभाग ने क्षेत्र के अभिभावकों को सरकारी शिक्षा के प्रति जागरूक किया। मेहनत रंग लाई और फिर से क्षेत्र के अभिभावकों ने इन सरकारी विद्यालयों पर भरोसा जताया है।
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इस शिक्षा सत्र में दोनों विद्यालयों में छह-छह बच्चों ने प्रवेश लेकर फिर से यहां की वीरानी खत्म की है। यह पहला मौका है जब जिले में कोई बंद स्कूल फिर से संचालित हुए हैं। शिक्षा विभाग ने दोनों विद्यालयों में एक-एक शिक्षक की तैनाती की है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र संख्या बढ़ी तो यहां अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
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एक दशक में 183 सरकारी विद्यालयों पर लगे ताले
प्रदेश में शिक्षकों की कमी और गांवों से हो रहे पलायन से सरकारी विद्यालयों में ताले लटकने का सिलसिला जारी है। सीमांत जिले में बीते एक दशक में छात्र संख्या शून्य होने से 183 सरकारी विद्यालय बंद हो गए हैं। 158 प्राथमिक और 25 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र न होने से विभाग को इनमें ताला लगाना पड़ा। अब भी 120 विद्यालय ऐसे हैं जहां सिर्फ एक-एक शिक्षक तैनात हैं और उन्हें कक्षा एक से आठ तक की कक्षाओं का संचालन करना पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी से अभिभावक अपने बच्चों को इन विद्यालयों में भेजने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में इनमें कभी भी ताले लटक सकते हैं।

कोट
इस शिक्षा सत्र प्रवेश होने से हचीला और कालिका प्राथमिक विद्यालयों का फिर से संचालन शुरू हुआ है जो खुशी की बात है। यदि बंद विद्यालयों में बच्चे प्रवेश लेंगे तो इन्हें फिर से संचालित किया जाएगा। सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विभाग गंभीरता से प्रयास कर रहा है। - तरुण कुमार पंत, जिला शिक्षा अधिकारी, बेसिक, पिथौरागढ़
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