Uk: पिथौरागढ़ में तांकुल जल विद्युत परियोजना को मिली केंद्र से स्वीकृति, 12 मेगावाट बिजली उत्पादन की उम्मीद
12 मेगावाट की तांकुल जल विद्युत परियोजना के अस्तित्व में आने की उम्मीद है।
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पिथौरागढ़ में धारचूला तहसील के सिमखोला गाड़ से शीघ्र ही 12 मेगावाट की तांकुल जल विद्युत परियोजना के अस्तित्व में आने की उम्मीद है। परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार से स्वीकृत हो गया है।
उत्तराखंड जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता (यांत्रिक) उमेश चंद्र जोशी और अधिशासी अभियंता (सिविल) गोपाल सिंह बोरा ने बताया कि परियोजना की लागत 14632.91 लाख रुपये है। परियोजना का निर्माण रन ऑफ द रिवर तकनीकी से किया जाएगा। जोशी ने बताया कि मांगती में पावर हाउस बनेगा। बुंगबुंग में वेयर साइड बनेगी जहां से पानी टेप किया जाएगा। यहां से पानी पाइप के जरिये बिजली घर मांगती में जाएगा। बिजली घर में डबल जेट पेल्टन टरबाइन लगेंगी। तीन मेगावाट की चार यूनिट के जरिये बिजली उत्पादन किया जाएगा। तांकुल परियोजना से सालाना 69.66 मिलियन केडब्ल्यूएच (किलो वाट हर्ट्ज) बिजली पैदा होगी। यह परियोजना पिछले कई वर्षों से भूमि हस्तांतरण एवं अन्य कारणों से लंबित थी। अब केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद उत्तराखंड जल विद्युत निगम बोर्ड ने परियोजना के डिजाइन एवं ड्राइंग के टेंडरों की प्रक्रिया के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी है।
भारत-नेपाल दोनों को होगा फायदा
बहुप्रतीक्षित तांकुल परियोजना से धारचूला तहसील के गांवों के साथ ही नेपाल के गांवों को भी बिजली मिल सकेगी। धारचूला में लोगों को बिजली की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। साथ ही परियोजना के निर्माण से किसी भी प्रकार का पर्यावरणीय एवं भौगोलिक नुकसान नहीं होगा।