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टेक्नीशियन नहीं और लगा दीं मशीनें
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:45 PM IST
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धूल फांक रही झूलाघाट अस्पताल में लगी एक्सरे मशीन
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ालू और झूलाघाट के अस्पतालों में लगी एक्सरे मशीनें टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं होने से खराब होने के कगार पर पहुंच गई हैं। यह मशीनें साढ़े तीन लाख रुपये की लागत से खरीदी गई थीं।
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मूनाकोट विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ालू और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झूलाघाट में बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत वर्ष 2006 में बगैर टेक्नीशियन की नियुक्ति के एक्सरे मशीनें लगा दी गई। एक्सरे मशीन के कमरे में हमेशा ताला लगे रहता है। बड़ालू की प्रधान शांति जोशी ने कहा कि मशीन खराब हो जाए, इससे पहले विभाग को मशीनों को अन्य जगह प्रयोग में लाना चाहिए, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग होने से बच सके। झूलाघाट के अस्पताल में लगी एक्सरे मशीन भी खराब होने के कगार पर है। टेक्नीशियन न होने से मशीन के पार्ट्स में खराबी आनी शुरू हो गई है।
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क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर भट्ट ने कहा कि सीमा से लगे अस्पतालों में एक्सरे मशीन के काम न करने से मरीजों को 36 किमी दूर पिथौरागढ़ के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। कहा है कि एक्सरे टेक्नीशियन का पद ही स्वीकृत नहीं था तो विभाग ने मशीन नहीं लगानी नहीं थी। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ऊषा गुंज्याल का कहना है कि पूरे जिले में तकनीशियनों की कमी है। जैसे ही तकनीशियन मिलते हैं, प्राथमिकता के हिसाब से तैनाती की जाएगी।
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