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डिजिटल जनगणना के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी: डीएम
Thu, 19 Feb 2026 10:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:56 PM IST
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पिथौरागढ़ स्थित विकास भवन सभागार में जनगणना प्रशिक्षण में मौजूद डीएम और अधिकारी। स्रोत: सूच
पिथौरागढ़। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने जनगणना 2027 के तीन दिनी प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से की जा रही है।
पहले चरण में आगामी 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक मकानों की गणना की जाएगी। इससे पूर्व 10 से 24 अप्रैल 2026 तक स्व गणना की जाएगी। इसमें परिवारों को प्रथम बार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद प्रगणक जानकारी का सत्यापन करेंगे। दूसरा चरण नौ से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा। हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के तहत गणना का कार्य 11 सितंबर 2026 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित है। जनपद के प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना न केवल विकास योजनाओं के निर्माण का आधार है बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमुख साधन भी है। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना को सफल बनाने के लिए तकनीकी दक्षता एवं पूर्ण समझ आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना-2027 की डिजिटल प्रक्रिया, मोबाइल एप आधारित डाटा संकलन, सीएमएमएस पोर्टल के उपयोग, फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन संबंधी तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। संचालन उत्तराखंड जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक परविंद्र कुमार सिंह, सांख्यिकी अधिकारी अनुपम आर्या, हेमंत कुमार ने किया। इस मौके पर एडीएम योगेंद्र सिंह समेत जिला/चार्ज स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
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पहले चरण में आगामी 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक मकानों की गणना की जाएगी। इससे पूर्व 10 से 24 अप्रैल 2026 तक स्व गणना की जाएगी। इसमें परिवारों को प्रथम बार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद प्रगणक जानकारी का सत्यापन करेंगे। दूसरा चरण नौ से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा। हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के तहत गणना का कार्य 11 सितंबर 2026 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित है। जनपद के प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना न केवल विकास योजनाओं के निर्माण का आधार है बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमुख साधन भी है। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना को सफल बनाने के लिए तकनीकी दक्षता एवं पूर्ण समझ आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना-2027 की डिजिटल प्रक्रिया, मोबाइल एप आधारित डाटा संकलन, सीएमएमएस पोर्टल के उपयोग, फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन संबंधी तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। संचालन उत्तराखंड जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक परविंद्र कुमार सिंह, सांख्यिकी अधिकारी अनुपम आर्या, हेमंत कुमार ने किया। इस मौके पर एडीएम योगेंद्र सिंह समेत जिला/चार्ज स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
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