{"_id":"5f00c2578ebc3e42fc599e55","slug":"takalakot-mandi-of-tibet-pithoragarh-news-hld388556358","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय व्यापारियों का एक साल से तकलाकोट मंडी में फंसा एक करोड़ रुपये का सामान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय व्यापारियों का एक साल से तकलाकोट मंडी में फंसा एक करोड़ रुपये का सामान
विज्ञापन
चीन की तकलाकोट मंडी। फाइल फोटो
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। तकलाकोट मंडी में भारतीय व्यापारियों का एक करोड़ रुपये से अधिक का सामान फंसा हुआ है। भारत-चीन के संबंध खराब होने के कारण व्यापारियों को तकलाकोट मंडी में फंसे सामान की चिंता सताने लगी है। व्यापारी इस वर्ष व्यापार शुरू होने की उम्मीद से वहां सामान छोड़कर आए थे।
समुद्रतल से 17 हजार फुट की ऊंचाई पर प्रतिवर्ष 11 जून से 31 अक्तूबर तक तकलाकोट में अंतरराष्ट्रीय व्यापार चलता था। वर्ष 2019 में व्यापार की अवधि खत्म होने के बाद व्यापारी 2020 में व्यापार की उम्मीद से सामान छोड़कर लौट आए थे, लेकिन इस वर्ष कोविड-19 और भारत-चीन के खराब संबंधों के चलते व्यापार शुरू नहीं हो पाया है। कुछ व्यापारियों ने तकलाकोट जाने के लिए सामान तैयार रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि 2021 में तकलाकोट जाने का मौका मिलेगा, लेकिन भारत में चीन के बहिष्कार के बाद प्रतिवर्ष व्यापार में जाने वाले व्यापारियों में निराशा है। उनका कहना है कि तकलाकोट मंडी में 40 व्यापारियों का एक करोड़ रुपये का सामान फंसा है। इससे व्यापारी परेशान हैं। यहां भी व्यापार न होने से वह चिंतित हैं।
व्यापारियों का कहना है कि अब वापस भी नहीं ला सकते हैं सामान
पिथौरागढ़। दिनेश गुंज्याल, जीवन रौंकली, बिशन सिंह गर्ब्याल, चक्कर सिंह गर्ब्याल, रतन सिंह रायपा, दौलत रायपा, इंदर सिंह गर्ब्याल, उषा गर्ब्याल, रिंकू गर्ब्याल, दीवान नबियाल आदि व्यापारियों का सामान फंसा है। इन व्यापारियों का कहना है कि वह तकलाकोट मंडी पहुंचा चुके सामान के कस्टम शुल्क का भुगतान चीन और भारत में कर चुके हैं। उन्होंने कहा अब सामान वापस आने की उम्मीद भी नहीं है। संवाद
विज्ञापन
तकलाकोट में भारत के 40 से अधिक व्यापारियों का एक करोड़ से अधिक रुपये का सामान फंसा है। इससे व्यापारी परेशान हैं। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर उपजे विवाद से व्यापार शुरू होने की उम्मीद नहीं है। इस वर्ष व्यापार शुरू होने से व्यापारी बेरोजगार हो गए हैं। सीमा पर तनाव के साथ ही व्यापारियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
- दिनेश गुंज्याल, भारत-चीन व्यापार समिति धारचूला।
विज्ञापन
समुद्रतल से 17 हजार फुट की ऊंचाई पर प्रतिवर्ष 11 जून से 31 अक्तूबर तक तकलाकोट में अंतरराष्ट्रीय व्यापार चलता था। वर्ष 2019 में व्यापार की अवधि खत्म होने के बाद व्यापारी 2020 में व्यापार की उम्मीद से सामान छोड़कर लौट आए थे, लेकिन इस वर्ष कोविड-19 और भारत-चीन के खराब संबंधों के चलते व्यापार शुरू नहीं हो पाया है। कुछ व्यापारियों ने तकलाकोट जाने के लिए सामान तैयार रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि 2021 में तकलाकोट जाने का मौका मिलेगा, लेकिन भारत में चीन के बहिष्कार के बाद प्रतिवर्ष व्यापार में जाने वाले व्यापारियों में निराशा है। उनका कहना है कि तकलाकोट मंडी में 40 व्यापारियों का एक करोड़ रुपये का सामान फंसा है। इससे व्यापारी परेशान हैं। यहां भी व्यापार न होने से वह चिंतित हैं।
विज्ञापन
व्यापारियों का कहना है कि अब वापस भी नहीं ला सकते हैं सामान
पिथौरागढ़। दिनेश गुंज्याल, जीवन रौंकली, बिशन सिंह गर्ब्याल, चक्कर सिंह गर्ब्याल, रतन सिंह रायपा, दौलत रायपा, इंदर सिंह गर्ब्याल, उषा गर्ब्याल, रिंकू गर्ब्याल, दीवान नबियाल आदि व्यापारियों का सामान फंसा है। इन व्यापारियों का कहना है कि वह तकलाकोट मंडी पहुंचा चुके सामान के कस्टम शुल्क का भुगतान चीन और भारत में कर चुके हैं। उन्होंने कहा अब सामान वापस आने की उम्मीद भी नहीं है। संवाद
विज्ञापन
तकलाकोट में भारत के 40 से अधिक व्यापारियों का एक करोड़ से अधिक रुपये का सामान फंसा है। इससे व्यापारी परेशान हैं। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर उपजे विवाद से व्यापार शुरू होने की उम्मीद नहीं है। इस वर्ष व्यापार शुरू होने से व्यापारी बेरोजगार हो गए हैं। सीमा पर तनाव के साथ ही व्यापारियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
- दिनेश गुंज्याल, भारत-चीन व्यापार समिति धारचूला।