{"_id":"5cc1e6f4bdec2214435fdc93","slug":"taankul-mein-ativrshti-se-tabaahee","type":"story","status":"publish","title_hn":"तांकुल में अतिवृष्टि से तबाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तांकुल में अतिवृष्टि से तबाही
Thu, 25 Apr 2019 10:27 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Thu, 25 Apr 2019 10:27 PM IST
विज्ञापन
इसी स्थान पर बादल फटने से निकला है मलबा।
- फोटो : पिथौरागढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमांत गांव तांकुल में बुधवार रात अतिवृष्टि से व्यापक तबाही मची है। गांव को जोड़ने वाली दो पैदल पुलिया के साथ ही संपर्क मार्ग बह गया, पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। घटना में जनहानि और पशु हानि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह बादल फटने की घटना है जबकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
गांववासियों के अनुसार बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे तेज आवाज के साथ गांव के ऊपर की पहाड़ी से पानी का नाला फूट पड़ा। गांव के लोग भारी दहशत में आ गए। देखते ही देखते तांकुल और मांगती नाले में मलबा भर गया। तांकुल को जोड़ने वाली दो आरसीसी पुलिया बह गईं। एक शौचालय ध्वस्त हो गया है। खेतों में बुरी तरह मलबा पट गया। कुछ समय बाद पानी का बहाव कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी वरुण अग्रवाल ने राजस्व उप निरीक्षक मनोज कुमार और जगमोहन द्विवेदी को मौके के लिए रवाना किया। इन लोगों ने दोपहर में तांकुल पहुंचकर जायजा लिया। उपजिलाधिकारी ने नुकसान की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षति का आकलन किया रहा है। पुलिया, रास्तों का निर्माण करने के साथ ही प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
बेड़ीनाग में बारिश और ओलावृष्टि के चलते छह बकरियों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक मवेशी लापता हो गए। मकान और पैदल रास्तों, फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। चंपावत में आधे घंटे तक हुई बारिश के बीच ओलावृष्टि से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। टनकपुर में शारदा का जलस्तर बढ़ने से अप स्ट्रीम खनन क्षेत्र से खनिज निकासी के लिए गए एक दर्जन ट्रक टापू में फंस गए। सुरक्षा के लिहाज से खनन विभाग ने अप स्ट्रीम खनन क्षेत्र से श्रमिकों को बाहर निकाल दिया है। अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में भी देर शाम बारिश शुरू हो गई। जबकि हल्द्वानी में शाम को आंधी के साथ ही हल्की बूंदाबांदी होने से गर्मी से कुछ राहत मिली।
विज्ञापन
बुधवार की रात धारचूला के तांकुल क्षेत्र में एक घंटे में 30 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। इसे अत्यधिक वर्षा (हैवी रेनफाल) कहा जाएगा। एक घंटे में 100 एमएम या उससे अधिक बारिश होने पर बादल फटना कहा जाता है।
- बबली भारती, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
गांववासियों के अनुसार बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे तेज आवाज के साथ गांव के ऊपर की पहाड़ी से पानी का नाला फूट पड़ा। गांव के लोग भारी दहशत में आ गए। देखते ही देखते तांकुल और मांगती नाले में मलबा भर गया। तांकुल को जोड़ने वाली दो आरसीसी पुलिया बह गईं। एक शौचालय ध्वस्त हो गया है। खेतों में बुरी तरह मलबा पट गया। कुछ समय बाद पानी का बहाव कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी वरुण अग्रवाल ने राजस्व उप निरीक्षक मनोज कुमार और जगमोहन द्विवेदी को मौके के लिए रवाना किया। इन लोगों ने दोपहर में तांकुल पहुंचकर जायजा लिया। उपजिलाधिकारी ने नुकसान की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षति का आकलन किया रहा है। पुलिया, रास्तों का निर्माण करने के साथ ही प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
बेड़ीनाग में बारिश और ओलावृष्टि के चलते छह बकरियों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक मवेशी लापता हो गए। मकान और पैदल रास्तों, फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। चंपावत में आधे घंटे तक हुई बारिश के बीच ओलावृष्टि से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। टनकपुर में शारदा का जलस्तर बढ़ने से अप स्ट्रीम खनन क्षेत्र से खनिज निकासी के लिए गए एक दर्जन ट्रक टापू में फंस गए। सुरक्षा के लिहाज से खनन विभाग ने अप स्ट्रीम खनन क्षेत्र से श्रमिकों को बाहर निकाल दिया है। अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में भी देर शाम बारिश शुरू हो गई। जबकि हल्द्वानी में शाम को आंधी के साथ ही हल्की बूंदाबांदी होने से गर्मी से कुछ राहत मिली।
विज्ञापन
बुधवार की रात धारचूला के तांकुल क्षेत्र में एक घंटे में 30 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। इसे अत्यधिक वर्षा (हैवी रेनफाल) कहा जाएगा। एक घंटे में 100 एमएम या उससे अधिक बारिश होने पर बादल फटना कहा जाता है।
- बबली भारती, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़।