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Pithoragarh News: चुमिड़ियाथौड़ पर बनेगा झूलापुल तो सभी को मिलेगी सुविधा
Tue, 25 Feb 2025 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 25 Feb 2025 11:29 PM IST
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। झूलापुल के लिए मोरी में सर्वे करने से ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने चुमिड़ियाथौड़ में झूलापुल निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
गोरी नदी पर झूलापुल की मांग लंबे समय से की जा रही है। वर्तमान में झूलापुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से सर्वे किया जा रहा है। लोगों ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए पुराने स्थल पर ही पुल निर्माण करने की मांग उठाई है।
उनका कहना है कि चुमिड़ियाथौड़ स्थान सभी के लिए सुविधाजनक है। विभाग की ओर से ग्रामसभा बंगापानी के तोक मोरी से सर्वे किया जा रहा है। यह जगह घरुड़ी गांव के लिए सुविधाजनक नहीं है। इससे ग्रामीणों को 5-6 किमी पैदल चलना पड़ेगा। विद्यार्थियों को भी स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
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ग्रामीणों का कहना है कि अभी विभाग जहां से सर्वे कर रहा है वह मोरी गांव पहले ही आपदा के कारण विस्थापित है। इसमें पुल का बनना भी संभव नहीं है।
घरुड़ी के गंभीर सिंह, धाना देवी, भुवनेश्वरी देवी, बसंती देवी, लक्ष्मी देवी आदि का कहना है कि विभाग को ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण कर पुल का सर्वे किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर वह जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
कोट
जिस स्थान पर पहले पुल था वह भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील है और नए पुल निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं है। विभाग का प्रयास रहेगा कि पुराने पुल के पास ही नया पुल बने। स्थल चयन के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। - मनीष खड़ायत, जेई लोक निर्माण विभाग अस्कोट।
फोटो 25 पीटीएच 04पी- बंगापानी स्थित घरुड़ी का चुमिड़ियाथौड़। संवाद
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गोरी नदी पर झूलापुल की मांग लंबे समय से की जा रही है। वर्तमान में झूलापुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से सर्वे किया जा रहा है। लोगों ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए पुराने स्थल पर ही पुल निर्माण करने की मांग उठाई है।
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उनका कहना है कि चुमिड़ियाथौड़ स्थान सभी के लिए सुविधाजनक है। विभाग की ओर से ग्रामसभा बंगापानी के तोक मोरी से सर्वे किया जा रहा है। यह जगह घरुड़ी गांव के लिए सुविधाजनक नहीं है। इससे ग्रामीणों को 5-6 किमी पैदल चलना पड़ेगा। विद्यार्थियों को भी स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
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ग्रामीणों का कहना है कि अभी विभाग जहां से सर्वे कर रहा है वह मोरी गांव पहले ही आपदा के कारण विस्थापित है। इसमें पुल का बनना भी संभव नहीं है।
घरुड़ी के गंभीर सिंह, धाना देवी, भुवनेश्वरी देवी, बसंती देवी, लक्ष्मी देवी आदि का कहना है कि विभाग को ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण कर पुल का सर्वे किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर वह जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
कोट
जिस स्थान पर पहले पुल था वह भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील है और नए पुल निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं है। विभाग का प्रयास रहेगा कि पुराने पुल के पास ही नया पुल बने। स्थल चयन के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। - मनीष खड़ायत, जेई लोक निर्माण विभाग अस्कोट।
फोटो 25 पीटीएच 04पी- बंगापानी स्थित घरुड़ी का चुमिड़ियाथौड़। संवाद