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डोली के सहारे मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने को मजबूर हैं सुरखाल पाठक के ग्रामीण
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गंगोलीहाट के सुरखाल पाठक के ग्रामीणों ने मरीज को डोली के सहारे चार किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचा?
- फोटो : PITHORAGARH
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। आजादी के 73 साल बाद भी सुरखाल पाठक गांव के लिए सड़क नहीं बन पाई है। लोग आए दिन मरीजों और गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाने को मजबूर हैं। इससे परेशान ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
सुरखाल पाठक के ग्रामीणों ने शनिवार को एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग की। बताया कि गांव के दान सिंह की पत्नी चंपा देनी की तबियत शनिवार को अचानक खराब हो गई। गांव के 24 युवाओं ने चार किमी लंबी खड़ी और खतरनाक रास्ते से जान जोखिम में डालकर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लोगों ने कहा कि वह लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद सड़क नहीं बन सकी है।
बताया कि पैदल रास्ता जोखिम भरा है। कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी रास्ते को ठीक नहीं किया गया है। गांव में सिर्फ आठवीं तक की पढ़ाई हो पाती है। इससे आगे की पढ़ाई के लिए रोज विद्यार्थियों को आठ किमी दूर चलना पड़ता है। इसलिए अभिभावकों को हमेशा बच्चों की चिंता रहती है।
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ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क निर्माण न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जिला पंचायत सदस्य कल्याण राम, प्रधान गानुरा भावना देवी, गोपाल सिंह बिष्ट, कमल बिष्ट, कृपाल सिंह, गणेश सिंह, भगवान सिंह, प्रताप सिंह, पुष्कर सिंह आदि रहे।
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सुरखाल पाठक के ग्रामीणों ने शनिवार को एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग की। बताया कि गांव के दान सिंह की पत्नी चंपा देनी की तबियत शनिवार को अचानक खराब हो गई। गांव के 24 युवाओं ने चार किमी लंबी खड़ी और खतरनाक रास्ते से जान जोखिम में डालकर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लोगों ने कहा कि वह लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद सड़क नहीं बन सकी है।
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बताया कि पैदल रास्ता जोखिम भरा है। कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी रास्ते को ठीक नहीं किया गया है। गांव में सिर्फ आठवीं तक की पढ़ाई हो पाती है। इससे आगे की पढ़ाई के लिए रोज विद्यार्थियों को आठ किमी दूर चलना पड़ता है। इसलिए अभिभावकों को हमेशा बच्चों की चिंता रहती है।
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ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क निर्माण न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। जिला पंचायत सदस्य कल्याण राम, प्रधान गानुरा भावना देवी, गोपाल सिंह बिष्ट, कमल बिष्ट, कृपाल सिंह, गणेश सिंह, भगवान सिंह, प्रताप सिंह, पुष्कर सिंह आदि रहे।