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Pithoragarh News: एसएसबी में भी स्थानीय स्तर पर उत्पादित ट्राउट मछली की आपूर्ति शुरू
Thu, 12 Jun 2025 10:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 12 Jun 2025 10:27 PM IST
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ट्राउट मछली आपूर्ति के शुभारंभ पर मौजूद डीएम विनोद गोस्वामी और अन्य अधिकारी। स्रोत : मत्स्य वि
पिथौरागढ़। आईटीबीपी के बाद एसएसबी में भी स्थानीय स्तर पर उत्पादित ट्राउट मछली की आपूर्ति शुरू हो गई है। डीएम विनोद गोस्वामी ने ट्राउट मछली आपूर्ति का शुभारंभ करते हुए एसएसबी के कार्यों की सराहना की। प्रदेश सरकार और सीमा सुरक्षा बल के बीच हुए एमओयू के आधार पर पहली बार 55वीं वाहिनी एसएसबी को 60 किलो मछली की आपूर्ति सरमोली मत्स्य स्वायत्त सहकारिता समिति के निवर्तमान ग्राम प्रधान जगदीश सिंह मेहता ने की।
उन्होंने कहा कि भविष्य में विभाग एसएसबी की फॉरवर्ड पोस्ट और जो पोस्ट सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाई हैं वहां पर आसपास के गांवों में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत क्लस्टर में मत्स्य पालन के माध्यम से तालाब निर्माण कर लगभग प्रतिमाह 300 किलो ट्राउट मछली की आपूर्ति किए जाने का लक्ष्य रखा है, ताकि अग्रिम चौकियों में भी ताजा मत्स्य उत्पाद पहुंचाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा इस योजना से मत्स्य पालकों को एक स्थायी और विश्वसनीय बाजार प्राप्त हो रहा है। सहकारी समिति के माध्यम से 65-80 परिवारों को लाभान्वित हो रहे हैं।
मत्स्य सहायक निदेशक डॉ. रमेश चलाल ने बताया कि यह योजना से ट्राउट मछली के उत्पादन को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल अभियान को सशक्त बनाया जा रहा है। इससे आजीविका में बढ़ोतरी और पलायन में भी कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि ट्राउट मछली स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी योगेश शर्मा, 55वीं वाहिनी के एसएसबी कमांडेंट आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि भविष्य में विभाग एसएसबी की फॉरवर्ड पोस्ट और जो पोस्ट सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाई हैं वहां पर आसपास के गांवों में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत क्लस्टर में मत्स्य पालन के माध्यम से तालाब निर्माण कर लगभग प्रतिमाह 300 किलो ट्राउट मछली की आपूर्ति किए जाने का लक्ष्य रखा है, ताकि अग्रिम चौकियों में भी ताजा मत्स्य उत्पाद पहुंचाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा इस योजना से मत्स्य पालकों को एक स्थायी और विश्वसनीय बाजार प्राप्त हो रहा है। सहकारी समिति के माध्यम से 65-80 परिवारों को लाभान्वित हो रहे हैं।
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मत्स्य सहायक निदेशक डॉ. रमेश चलाल ने बताया कि यह योजना से ट्राउट मछली के उत्पादन को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल अभियान को सशक्त बनाया जा रहा है। इससे आजीविका में बढ़ोतरी और पलायन में भी कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि ट्राउट मछली स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी योगेश शर्मा, 55वीं वाहिनी के एसएसबी कमांडेंट आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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