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बलतिर राजकीय फार्म में गेहूं की फसल को लगा रोग
अमर उजाल/ब्यूरो/ पिथौरागढ़
Updated Sat, 11 Apr 2015 06:12 PM IST
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कृषि विभाग के बलतिर स्थित राजकीय फार्म में 3.62 हेक्टेअर में बोई गई गेहूं की फसल में रोग लग गया है। अब तक 30 फीसदी फसल खराब हो गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए शनिवार को कृषि विभाग के अधिकारियों ने फार्म का दौरा किया और बचाव के लिए दवा का छिड़काव शुरू कर दिया है।
राजकीय फार्म में इस बार यूपी 2572 प्रजाति का गेहूं बोया गया है। इसके बीज बाद में किसानों को वितरित किए जाते हैं। हर बार फार्म में नई प्रजातियों के बीजों का रोपण होता है ताकि उनका प्रचार किया जा सके। इस बार लगातार बारिश से गेहूं के पौधों के तने सड़ने लगे हैं और उनमें फ्यूजेरियम अल्टनेरिया फंगस पैदा हो गया है। इसी फंगस के कारण शूटमोल्ड नामक बीमारी से गेहूं खराब होने लगा है। कृषि रक्षा अधिकारी एके गौतम ने आज फार्म का निरीक्षण करने के बाद बताया कि 30 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। बाकी फसल को बचाने के लिए पोजीकोना दवा के घोल का छिड़काव किया जा रहा है। फार्म के अधीक्षक देवनारायण यादव ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गेहूं के पौधों के सूखने का क्रम शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि गेहूं के पौधों के डंठल सूख गए हैं और बालियों में इसका असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि आसपास के गांवों में भी फसल पर इसी तरह के रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दवा के छिड़काव से रोग नियंत्रित हो जाएगा।
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राजकीय फार्म में इस बार यूपी 2572 प्रजाति का गेहूं बोया गया है। इसके बीज बाद में किसानों को वितरित किए जाते हैं। हर बार फार्म में नई प्रजातियों के बीजों का रोपण होता है ताकि उनका प्रचार किया जा सके। इस बार लगातार बारिश से गेहूं के पौधों के तने सड़ने लगे हैं और उनमें फ्यूजेरियम अल्टनेरिया फंगस पैदा हो गया है। इसी फंगस के कारण शूटमोल्ड नामक बीमारी से गेहूं खराब होने लगा है। कृषि रक्षा अधिकारी एके गौतम ने आज फार्म का निरीक्षण करने के बाद बताया कि 30 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। बाकी फसल को बचाने के लिए पोजीकोना दवा के घोल का छिड़काव किया जा रहा है। फार्म के अधीक्षक देवनारायण यादव ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गेहूं के पौधों के सूखने का क्रम शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि गेहूं के पौधों के डंठल सूख गए हैं और बालियों में इसका असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि आसपास के गांवों में भी फसल पर इसी तरह के रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दवा के छिड़काव से रोग नियंत्रित हो जाएगा।
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