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मानव सभ्यता के विकास में रसायनों की खास भूमिका

Tue, 08 Nov 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Tue, 08 Nov 2016 10:45 PM IST
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Special role in the development of human civilization chemicals
पिथौरागढ़ में चल रहे साइंस आउटरीच प्रोग्राम में मौजूद वैज्ञानिक और विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला

डा. बीआर अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रोफेसर कमान सिंह कठायत ने कहा कि मानव सभ्यता के विकास में रासायनिक तत्वों का विशेष महत्व है। जिस तरह किसी भाषा को सीखने और समझने के लिए वर्णमाला की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह रासायनिक तत्वों के अध्ययन में भी वर्णमाला का महत्व होता है। प्रो. कठायत यहां जिला पंचायत सभागार में साइंस आउटरीच कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे।

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उन्होंने कहा कि अब तक कुल 118 रासायनिक तत्वों की जानकारी मिल पाई है। प्रकृति की विविधता इन तत्वों पर ही निर्भर रहती है। बंगलूरू से आए वैज्ञानिक प्रो. उदय रंगा ने सूक्ष्म जैविक विज्ञान पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भोजन करने से पहले तरल साबुन से हाथ धोना चाहिए, क्योंकि दिनभर काम करने से हाथों में कई सूक्ष्म जीव चिपक जाते हैं। यदि यह भोजन के साथ पेट में चले गए तो मनुष्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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हिमालयन ग्राम विकास समिति की ओर से आयोजित साइंस आउटरीच कार्यक्रम का उद्घाटन प्रख्यात भूवैज्ञानिक प्रो. केएस वल्दिया ने किया। उद्घाटन सत्र में बंगलूरू से आए वैज्ञानिक प्रो. उमेश बाघमरे ने ‘संसार के बदलते परिवेश में पदार्थों की भूमिका’ पर रोशनी डाली। कहा कि पदार्थ भी परिवर्तित होते रहते हैं। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर बीडी लखचौरा ने यूनिटी एंड डायवर्सिटी आफ लाइफ पर व्याख्यान दिया। कहा कि प्राणियों के बाहरी प्रारूप में विविधता पाई जाती है, लेकिन मूल में बाहरी प्रारूप को नियंत्रित करने वाले प्रारूप एक समान होते हैं। जो कि विविधता में एकता को दर्शाता है।
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इसी विश्वविद्यालय के प्रो. एएस जीना ने जीन परिकल्पना का विकास पर असर पर व्याख्यान दिया। कहा कि जीन की विविधता से ही प्राणियों के विकास की क्रियाएं नियंत्रित होती है। संचालन डा. अरुणा बाघमरे ने किया। हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने सभी वैज्ञानिकों का स्वागत किया। कार्यक्रम बुधवार को भी जारी रहेगा। प्रो. वल्दिया बुधवार को व्याख्यान देंगे। 

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