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Pithoragarh News: रोडवेज बसों की खराबी दूर करने के लिए नहीं मिल रहे स्पेयर पार्ट्स
Fri, 30 Jan 2026 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:09 PM IST
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पिथौरागढ़ वर्कशॉप में स्पयेर पार्ट के अभाव में खड़ी बसें। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आवाजाही के सुगम रोडवेज सेवा यात्रियों को राहत कम दर्द अधिक दे रही है। नई बसें न मिलने से पुरानी-खटारा बसों में सफर करना यात्रियों की मजबूरी बना है जो आए दिन रास्तों पर धोखा दे रही हैं। बसों की खराबी को दूर करने के लिए स्पेयर पार्ट्स भी नहीं मिल रहे हैं। दो महीने से वर्कशॉप में खड़ी पांच बसें इसका प्रमाण हैं। स्पेयर पार्ट्स न मिलने से ये बसें सड़कों पर नहीं दौड़ पा रही हैं और इनकी कमी से यात्री बेबस हैं।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद सीमांत के लोगों को रोडवेज सेवा बेहतर होने की उम्मीद थी। राज्य गठन के 25 साल बाद भी हालात बेहतर होने के बजाय बिगड़ गए हैं। पिथौरागढ़ डिपो के पास मौजूद 68 में 46 बसें पुरानी हैं। इनमें से भी 25 बस अपनी उम्र पार कर चुकी हैं। नई बस न मिलने से डिपो पुरानी बसों को दौड़ा रहा है जो आए दिन खराब हो रही हैं। पिछले दो महीने से खराब होकर पांच बस वर्कशॉप में खड़ी हैं इन्हें ठीक करने के लिए स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। डिपो लंबे समय से स्पेयर पार्ट के साथ ही टायरों की कमी से जूझ रहा है इससे बसों की खराबी दूर नहीं हो पा रही है। आए दिन बसों के खराब होने से सड़कों पर इनकी कमी से यात्री बेहाल हैं। टनकपुर, हल्द्वानी सहित अन्य रूटों पर सीमित बसों के संचालन से यात्रियों को मजबूर होकर टैक्सी के सहारे सफर करना पड़ रहा है।
कर्मियों को दो महीने से नहीं मिला वेतन
स्पेयर पार्ट्स की कमी से जूझ रहे डिपो में कार्यरत कर्मचारियों को दो महीने से वेतन भी नहीं मिल पाया है। इस कारण कर्मचारियों का काम और घर-परिवार भी प्रभावित हो रहा है। कर्मियों को समय पर वेतन न मिलने से इनके लिए परिवार पालना भी मुश्किल हो गया है।
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-- कोट--
स्पेयर पार्ट्स की मांग और आपूर्ति बनी रहती है। परिवहन सेवा में यह ऐसा मामला है कि कुछ न कुछ बसें ऑफ रोड रहती ही हैं। पहले बसें ज्यादा चलती थीं तो खराब भी ज्यादा होती थीं। इसलिए स्पेयर पूल में पार्ट्स उपलब्धता बनी रहती थी। अब बसों का संचालन कम है। - रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो
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उत्तराखंड राज्य गठन के बाद सीमांत के लोगों को रोडवेज सेवा बेहतर होने की उम्मीद थी। राज्य गठन के 25 साल बाद भी हालात बेहतर होने के बजाय बिगड़ गए हैं। पिथौरागढ़ डिपो के पास मौजूद 68 में 46 बसें पुरानी हैं। इनमें से भी 25 बस अपनी उम्र पार कर चुकी हैं। नई बस न मिलने से डिपो पुरानी बसों को दौड़ा रहा है जो आए दिन खराब हो रही हैं। पिछले दो महीने से खराब होकर पांच बस वर्कशॉप में खड़ी हैं इन्हें ठीक करने के लिए स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। डिपो लंबे समय से स्पेयर पार्ट के साथ ही टायरों की कमी से जूझ रहा है इससे बसों की खराबी दूर नहीं हो पा रही है। आए दिन बसों के खराब होने से सड़कों पर इनकी कमी से यात्री बेहाल हैं। टनकपुर, हल्द्वानी सहित अन्य रूटों पर सीमित बसों के संचालन से यात्रियों को मजबूर होकर टैक्सी के सहारे सफर करना पड़ रहा है।
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कर्मियों को दो महीने से नहीं मिला वेतन
स्पेयर पार्ट्स की कमी से जूझ रहे डिपो में कार्यरत कर्मचारियों को दो महीने से वेतन भी नहीं मिल पाया है। इस कारण कर्मचारियों का काम और घर-परिवार भी प्रभावित हो रहा है। कर्मियों को समय पर वेतन न मिलने से इनके लिए परिवार पालना भी मुश्किल हो गया है।
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स्पेयर पार्ट्स की मांग और आपूर्ति बनी रहती है। परिवहन सेवा में यह ऐसा मामला है कि कुछ न कुछ बसें ऑफ रोड रहती ही हैं। पहले बसें ज्यादा चलती थीं तो खराब भी ज्यादा होती थीं। इसलिए स्पेयर पूल में पार्ट्स उपलब्धता बनी रहती थी। अब बसों का संचालन कम है। - रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो