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सोर की बेटी एवरेस्ट फतह को तैयार
Mon, 13 May 2019 10:26 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 13 May 2019 10:26 PM IST
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पर्वतारोही शीतल।
- फोटो : पिथौरागढ़
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सोर (पिथौरागढ़) की बेटी शीतल सोमवार को बेस कैंप से एवरेस्ट समिट के लिए निकल गईं हैं। शीतल के कोच एवरेस्ट विजेता धारचूला निवासी योगेश गर्ब्याल ने बताया कि 15 मई की रात ही शीतल एवरेस्ट की चोटी को फतह के लिए निकल जाएगी। उम्मीद है कि वह 16 मई को एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच जाएंगी।
सोमवार को शीतल एवरेस्ट के बेस कैंप से चलकर समुद्र तल से 6300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-2 पहुंच गई हैं। मंगलवार को उनके 7400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-3 पर पहुंचने का लक्ष्य है। 15 मई को 8000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-4 पर पहुंचने का लक्ष्य है।
शीतर में है गजब का हौसला
पिथौरागढ़। एवरेस्ट समिट के लिए निकलीं शीतल के कोच एवरेस्ट विजेता धारचूला निवासी योगेश गर्ब्याल ने बताया कि शीतल में गजब का हौसला है। बता दें कि शीतल पांच अप्रैल को काठमांडू से एवरेस्ट के बेसकैंप के लिए रवाना हुईं थीं। वह 15 अप्रैल को बेस कैंप पहुंचीं। उन्होंने 12 मई तक बेस कैंप में अन्य पर्वतारोहियों के साथ रॉक क्लाइबिंग का अभ्यास किया।
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शीतल के नाम है कंचनजंगा फतह करने का विश्व रिकार्ड
शीतल 2017 में विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा को सबसे कम 22 वर्ष की उम्र में फतह करने का विश्व रिकार्ड बना चुकी हैं। वह कंचनजंगा के साथ ही तमाम चोटियों को फतह कर चुकी हैं। शीतल का परिवार जिला मुख्यालय के नजदीक रहता है। शीतल के अभियान पर सीमांत जिले के लोगों की निगाह लगी हुई है।
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सोमवार को शीतल एवरेस्ट के बेस कैंप से चलकर समुद्र तल से 6300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-2 पहुंच गई हैं। मंगलवार को उनके 7400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-3 पर पहुंचने का लक्ष्य है। 15 मई को 8000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-4 पर पहुंचने का लक्ष्य है।
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शीतर में है गजब का हौसला
पिथौरागढ़। एवरेस्ट समिट के लिए निकलीं शीतल के कोच एवरेस्ट विजेता धारचूला निवासी योगेश गर्ब्याल ने बताया कि शीतल में गजब का हौसला है। बता दें कि शीतल पांच अप्रैल को काठमांडू से एवरेस्ट के बेसकैंप के लिए रवाना हुईं थीं। वह 15 अप्रैल को बेस कैंप पहुंचीं। उन्होंने 12 मई तक बेस कैंप में अन्य पर्वतारोहियों के साथ रॉक क्लाइबिंग का अभ्यास किया।
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शीतल के नाम है कंचनजंगा फतह करने का विश्व रिकार्ड
शीतल 2017 में विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा को सबसे कम 22 वर्ष की उम्र में फतह करने का विश्व रिकार्ड बना चुकी हैं। वह कंचनजंगा के साथ ही तमाम चोटियों को फतह कर चुकी हैं। शीतल का परिवार जिला मुख्यालय के नजदीक रहता है। शीतल के अभियान पर सीमांत जिले के लोगों की निगाह लगी हुई है।