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सौर ऊर्जा का उपयोग और व्यापक किया जाए
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:25 PM IST
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पिथौरागढ़ इंजीनियरिंग कालेज में सेमिनार में मौजूद विद्वान
- फोटो : अमर उजाला
नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित सेमिनार में विद्यार्थियों ने कई विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए। कहा गया कि सौर ऊर्जा का इस्तेमाल सिर्फ रोशनी की व्यवस्था करने के बजाए पानी गर्म करने, ईंधन के लिए और इलेक्ट्रानिक उपकरणों के संचालन के लिए भी किया जाना चाहिए। इससे सौर ऊर्जा का ज्यादा व्यापक स्तर पर उपयोग हो सकेगा।
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सिविल इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों की ओर से प्रस्तुत शोधपत्रों में कम लागत में ज्यादा मजबूत पुलों के निर्माण की तकनीक की जानकारी दी गई। कंप्यूटर विज्ञान विभाग के छात्रों ने ट्रैफिक नियंत्रण के लिए नए साफ्टवेयर के बारे और मेकेनिकल विभाग के छात्रों ने वाहनों में डीजल एवं पेट्रोल का माइलेज बढ़ाने के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा जैविक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक खाद के प्रयोग से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सीएस बिष्ट ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला।
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इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. बीके सिंह ने विज्ञान और तकनीक की राज्य हित में उपयोगिता को समझाया। सेमिनार में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय देहरादून, कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल, इंजीनियरिंग कॉलेज द्वाराहाट के विद्यार्थियों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। सेमिनार के संचालन में प्रो. अखिलेश कुमार, प्रो. हेमंत जोशी, प्रो. अभय कुमार, प्रो. बीपी जोशी, प्रो. तृप्ति, प्रो. जयदीप, पुनीत वर्मा, प्रतिबा जोशी, प्रणव सिंह आदि ने सहयोग दिया। सेमिनार के शुभारंभ और समापन पर सरस्वती वंदना हुई।
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