{"_id":"5cba0916bdec2214222a9e9f","slug":"snowfall-on-the-hills-of-munasariya-rain-in-the-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुनस्यारी की चोटियों पर बर्फबारी, नगर में बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुनस्यारी की चोटियों पर बर्फबारी, नगर में बारिश
Fri, 19 Apr 2019 11:15 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Fri, 19 Apr 2019 11:15 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में बारिश में छाता लेकर जाते बच्चे।
- फोटो : पिथौरागढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र में तीन दिन बाद धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। अलबत्ता मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर लगातार हो रही बर्फबारी से निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर बना हुआ है। शुक्रवार को भी शाम के समय जनपद की ऊंची चोटियों में हिमपात हुआ, जबकि जिला मुख्यालय सहित अन्य हिस्सों में तेज बारिश हुई।
जिला मुख्यालय में शुक्रवार को सुबह से ही गुनगुनी धूप खिली। दोपहर बाद कुछ देर के लिए बादल छा गए। शाम के समय तेज गरज के साथ नगर मुख्यालय, कनालीछीना, डीडीहाट और अस्कोट में तेज बारिश हुई। उधर, मुनस्यारी में फिर से मौसम खराब हो गया है। हंसलिग, राजरंभा, पंचाचूली, नाग्निधुरा, छिपलाकेदार चोटियों में हिमपात हुआ। इससे मुनस्यारी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऊंची चोटियों में हिमपात से घाटी वाले क्षेत्रों में भी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में धारचूला, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, डीडीहाट में एक-एक, गंगोलीहाट में तीन और पिथौरागढ़ में 0.20 एमएम बारिश हुई।
किसानों की मेहनत पर पड़ रही मौसम की मार
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में रोज बदल रहे मौसम से किसान चिंतित हैं। किसानों की मेहनत पर बारिश और ओलों की मार पड़ रही है। इससे फसलों को खासा नुकसान हो रहा है।सीमांत जनपद के आठों विकास खंडों बिण, मूनाकोट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, मुनस्यारी, धारचूला, डीडीहाट और कनालीछीना के 24 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं और चार हजार हेक्टेयर में मसूर की फसल बोई गई है। घाटी वाले इलाकों थल, मुवानी, नाचनी, जौलजीबी, तितरी,बरम, गणाई गंगोली के बुसैल, सेरा बडोली, बोयल, सेलागड़ा, सलाण, सल्लाचिंगरी, झूलाघाट, गर्खा आदि जगहों पर फसल तैयार है। पिछले 15 दिन पूर्व हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सिंगाली के किसान ललित कुमार ने बताया कि बंदरों से बची फसल पर अब मौसम की मार पड़ रही है। बारिश, ओले और तेज हवाओं से गेहूं, मसूर के दाने खेतों में गिर जा रहे हैं। बारिश से गेहूं का दाना काला पड़ जा रहा है। साथ ही मसूर में फफूंद लगने का खतरा बना हुआ है। मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी का कहना है कि असमय बारिश और ओलों से फसलों को नुकसान होने का अंदेशा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला मुख्यालय में शुक्रवार को सुबह से ही गुनगुनी धूप खिली। दोपहर बाद कुछ देर के लिए बादल छा गए। शाम के समय तेज गरज के साथ नगर मुख्यालय, कनालीछीना, डीडीहाट और अस्कोट में तेज बारिश हुई। उधर, मुनस्यारी में फिर से मौसम खराब हो गया है। हंसलिग, राजरंभा, पंचाचूली, नाग्निधुरा, छिपलाकेदार चोटियों में हिमपात हुआ। इससे मुनस्यारी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऊंची चोटियों में हिमपात से घाटी वाले क्षेत्रों में भी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में धारचूला, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, डीडीहाट में एक-एक, गंगोलीहाट में तीन और पिथौरागढ़ में 0.20 एमएम बारिश हुई।
विज्ञापन
किसानों की मेहनत पर पड़ रही मौसम की मार
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में रोज बदल रहे मौसम से किसान चिंतित हैं। किसानों की मेहनत पर बारिश और ओलों की मार पड़ रही है। इससे फसलों को खासा नुकसान हो रहा है।सीमांत जनपद के आठों विकास खंडों बिण, मूनाकोट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, मुनस्यारी, धारचूला, डीडीहाट और कनालीछीना के 24 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं और चार हजार हेक्टेयर में मसूर की फसल बोई गई है। घाटी वाले इलाकों थल, मुवानी, नाचनी, जौलजीबी, तितरी,बरम, गणाई गंगोली के बुसैल, सेरा बडोली, बोयल, सेलागड़ा, सलाण, सल्लाचिंगरी, झूलाघाट, गर्खा आदि जगहों पर फसल तैयार है। पिछले 15 दिन पूर्व हुई ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सिंगाली के किसान ललित कुमार ने बताया कि बंदरों से बची फसल पर अब मौसम की मार पड़ रही है। बारिश, ओले और तेज हवाओं से गेहूं, मसूर के दाने खेतों में गिर जा रहे हैं। बारिश से गेहूं का दाना काला पड़ जा रहा है। साथ ही मसूर में फफूंद लगने का खतरा बना हुआ है। मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी का कहना है कि असमय बारिश और ओलों से फसलों को नुकसान होने का अंदेशा है।
विज्ञापन