{"_id":"641c92c584055d231404da64","slug":"snow-mountain-peak-snowfall-pithoragarh-news-c-8-1-91074-2023-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: माइनस 20 डिग्री तापमान में सीमा की निगहबानी कर रहे हिमवीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: माइनस 20 डिग्री तापमान में सीमा की निगहबानी कर रहे हिमवीर
Thu, 23 Mar 2023 11:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 23 Mar 2023 11:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। चार दिनों तक लगातार हिमपात से उच्च हिमालयी क्षेत्रों की चोटियां लकदक हो गई हैं। मार्च में जनवरी जैसी ठंड पड़ रही है। यहां लोगों को बर्फ पिघलाकर पानी पीना पड़ रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमवीर माइनस 20 डिग्री तापमान में ड्यूटी कर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।
मार्च में अमूमन ठंड समाप्त होकर गर्मी का अहसास होने लगता है। नवंबर से लेकर फरवरी तक हिमपात के बाद मार्च से बर्फ पिघलनी शुरू हो जाती है। इस बार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मार्च में जमकर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। बर्फबारी के चलते वहां तापमान माइनस-20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
विपरीत मौसम में भी आईटीबीपी, एसएसबी एवं सेना के जवान चीन और नेपाल सीमा पर डटे हैं। इस समय गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, लिपुलेख में 12 से 20 सेमी तक बर्फ जमी है। बर्फबारी के कारण वहां पर सेना और अर्द्धसैनिक बलों के अलावा गांवों में रह रहे लोगों को भी पेयजल किल्लत का सामना भी करना पड़ रहा है। जवान और ग्रामीण बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मार्च में अमूमन ठंड समाप्त होकर गर्मी का अहसास होने लगता है। नवंबर से लेकर फरवरी तक हिमपात के बाद मार्च से बर्फ पिघलनी शुरू हो जाती है। इस बार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मार्च में जमकर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। बर्फबारी के चलते वहां तापमान माइनस-20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
विपरीत मौसम में भी आईटीबीपी, एसएसबी एवं सेना के जवान चीन और नेपाल सीमा पर डटे हैं। इस समय गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, लिपुलेख में 12 से 20 सेमी तक बर्फ जमी है। बर्फबारी के कारण वहां पर सेना और अर्द्धसैनिक बलों के अलावा गांवों में रह रहे लोगों को भी पेयजल किल्लत का सामना भी करना पड़ रहा है। जवान और ग्रामीण बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे हैं।
विज्ञापन